Amitabh Bachchan: बॉलीवुड (Bollywood) के शहंशाह अमिताभ बच्चन ने 80 के दशक में कांग्रेस (Congress) के टिकट पर लोकसभा का चुनाव जीतकर सांसद बने थे। हालांकि वह कुछ ही साल राजनीति में रहे और फिर बाद में उन्होंने राजनीति को पूरी तरह अलविदा कर दिया था। लेकिन जब बाद में वह आर्थिक संकट में आए तो उनके करियर को राजनीति ने ना सिर्फ डूबने से बचाया बल्कि उन्हें बॉलीवुड का शहंशाह भी बनाया।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन। (File Photo)
कांग्रेस के टिकट पर इलाहाबाद से सांसद बने थे अमिताभ बच्चन
साल 1984 में राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) ने अपने दोस्त अमिताभ बच्चन को कांग्रेस के टिकट पर इलाहाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए राजी किया। अमिताभ बच्चन ने लोकसभा का चुनाव लड़ा भी और जीतकर सांसद भी बने। अमिताभ बच्चन ने इलाहाबाद लोकसभा सीट से कद्दावर नेता और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा को हराया था। हालांकि अमिताभ बच्चन का य राजनीतिक सफर ज्यादा नहीं चला और उन्होंने तीन साल बाद ही लोकसभा से इस्तीफा देकर राजनीति छोड़ दी।बताया जाता है कि इसका मुख्य कारण बोफोर्स घोटाले में उनका नाम आने पर अमिताभ बच्चन को ये कदम उठाना पड़ा। हालांकि बाद में इस मामले को लेकर अमिताभ बच्चन ब्रिटेन की अदालत लेकर गए और वहां से जीत गए, लेकिन फिर समय के साथ-साथ उनकी गांधी परिवार से दूरी भी बढ़ने लगी और जो बाद में खत्म हो गई।
इसके बाद अमिताभ बच्चन फिर से बॉलीवुड में ही पूरी तरह से एक्टिव हो गए। बाद में उन्होंने साल 1994 में अपनी एक कंपनी भी खोली, जिसका नाम था एबीसीएल (ABCL)। एबीसीएल यानी अमिताभ बच्चन कॉरपोरेशन लिमिटेड। कंपनी ने 15 फिल्में बनाने के साथ साल 1996 में मि़स वर्ल्ड जैसा बड़ा इवेंट भी कराया। लेकिन मिस वर्ल्ड के इवेंट के बाद से ही एबीसीएल दिवालिया होनी शुरू हो गई और अमिताभ बच्चन कर्ज तले दब गए। हालत ये हो गई थी कि अमिताभ बच्चन के ऊपर करीब 90 करोड़ रुपए का कर्ज हो गया था।
अमर सिंह ने की थी अमिताभ बच्चन की मदद
आर्थिक संकट से जूझ रहे अमिताभ बच्चन की तब मदद उनके पुराने दोस्त और समाजवादी पार्टी के नेता अमर सिंह (Amar Singh) ने की थी। इसके बाद अमर सिंह के कहने पर अमिताभ बच्चन फिर से राजनीति में आ गए। हालांकि इस बार ना तो वह चुनाव लड़ने या फिर पार्टी में किसी पद के लिए आए थे। दरअसल इस बार अमिताभ बच्चन समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राजनीतिक अभियान और प्रचार-प्रसार के लिए आए थे। बाद में उनकी पत्नी जया बच्चन भी समाजवादी पार्टी में आ गईं और फिर सपा ने उन्हें राज्यसभा सांसद बनाया।
