Chardham Yatra: उत्तराखंड में बद्रीनाथ धाम के कपाट 17 नवंबर को रात नौ बजकर सात मिनट पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। मंदिर समिति ने शनिवार को यह जानकारी दी। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि परंपरा के अनुसार, हिंदू कैलेंडर और खगोलीय पिंडों की स्थिति के आकलन के बाद शनिवार को विजयादशमी के अवसर पर कपाट बंद करने की तिथि और समय का मुहूर्त तय किया गया।
बद्रीनाथ धाम। (फाइल फोटो)
कब बंद होंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट? जान लें टाइमिंग
मंदिर समिति के अध्यक्ष ने बताया कि 17 नवंबर को रात नौ बजकर सात मिनट पर बद्रीनाथ के कपाट बंद हो जाएंगे। इस वर्ष बद्रीनाथ में 11 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने दर्शन किये, जबकि केदारनाथ में 13.5 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे।
रुद्रनाथ, तुंगनाथ, मदमहेश्वर के बारे में जानिए
पहले की गई घोषणा के अनुसार, केदारनाथ और यमुनोत्री के कपाट तीन नवंबर को तथा गंगोत्री के कपाट दो नवंबर को बंद होंगे। इसी तरह, रुद्रनाथ के कपाट 17 अक्टूबर को, तुंगनाथ के चार नवंबर को और मदमहेश्वर के कपाट 20 नवंबर को बंद होंगे। बर्फ से ढके रहने के कारण उत्तराखंड के ये मंदिर सर्दियों में बंद रहते हैं, जहां हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं।
कब बंद होंगे बाबा केदार के कपाट? जान लें टाइमिंग
मंदिर समिति के मुख्य पदाधिकारी ने बताया था कि 3 नवंबर की सुबह साढ़े आठ बजे कपाट बंद होंगे। पदाधिकारी ने बताया कि शीतकाल के दौरान भगवान केदारनाथ के दर्शन उनके शीतकालीन प्रवास स्थल ऊखीमठ के श्री ओंकारेश्वर मंदिर में होंगे।
कब बंद होंगे यमुनोत्री, गंगोत्री और बद्रीनाथ के कपाट
उच्च गढ़वाल क्षेत्र में स्थित केदारनाथ मंदिर सहित चारों धामों के कपाट हर साल अक्टूबर-नवंबर में श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाते हैं, जिन्हें अगले वर्ष फिर अप्रैल-मई में खोला जाता है। अन्य दोन धामों में यमुनोत्री के कपाट भैया दूज पर जबकि गंगोत्री के कपाट दीवाली के अगले दिन अन्नकूट पर्व पर शीतकाल के लिए बंद होंगे।
