जब वाजपेयी की कूटनीति की दुनिया हुई कायल; पूर्व PM ने क्लिंटन, ब्लेयर को दिया था स्पष्ट संदेश; PAK को खींचना पड़ा हाथ

ओजस्वी वक्ता, दूरदृष्टा नेता और मिलनसार स्वभाव वाले अटल बिहारी वाजपेयी का 2018 में निधन हो गया था, लेकिन आज भी दुनिया उनकी राजनीतिक समझ, विजन और सधे हुए हास्य को सम्मानपूर्वक याद करती है, जो बहुत कम वैश्विक नेताओं को नसीब होता है। उनके भीतर गजब की कूटनीतिक समझ भी थी तभी तो टोनी ब्लेयर जैसे नेताओं को अपनी पाकिस्तान यात्रा रद्द करनी पड़ी थी।

ओजस्वी वक्ता, दूरदृष्टा नेता और मिलनसार स्वभाव वाले अटल बिहारी वाजपेयी का प्रधानमंत्री के तौर पर कार्यकाल भले ही दो दशक पुराना हो चुका हो और उनका निधन 2018 में ही हो गया हो, लेकिन उनकी राजनीतिक समझ, विजन और सधे हुए हास्य को आज भी सम्मान के साथ याद किया जाता है, जो बहुत कम वैश्विक नेताओं को नसीब होता है।

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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (फाइल फोटो)

लगभग 25 साल पहले भारत आज जैसी आर्थिक महाशक्ति नहीं था, लेकिन 1998 में ही देश ने खुद को परमाणु शक्ति के रूप में स्थापित का था। इसके बावजूद वायपेयी के तार्किक कौशल और दृढ़ रुख ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक सम्मानित नेता बना दिया था।

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