ईरानी नौसैनिक पोत IRIS Dena को अमेरिकी पनडुब्बी से डुबाने के बाद मध्य पूर्व में जंग की आंच तेज हो गई है। इस बीच दो देशों से जंग लड़ रहे ईरान ने भारत का धन्यवाद किया है। दरअसल, हिंद महासागर में IRIS Dena से जुड़े हादसे के बाद ईरान ने भारत के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है। ईरान का एक अन्य नौसैनिक पोत IRIS Lavan तकनीकी और लॉजिस्टिक सहायता के लिए केरल के कोच्चि बंदरगाह पर पहुंचा है।
भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली।
ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने कहा आभार
भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने इस मदद के लिए केंद्र की मोदी सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने एक बयान में कहा कि हिंद महासागर में IRIS Dena से जुड़ी दुखद घटना के बाद ईरान लगातार जहाज के चालक दल की स्थिति और घटना के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत ईरानी नौसेना का पोत IRIS Lavan भारत के कोच्चि बंदरगाह पर पहुंचा है,जहां आवश्यक तकनीकी और रसद संबंधी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
क्या बोले ईरानी राजदूत?
राजदूत फतहाली ने कहा कि भारत सरकार और स्थानीय प्रशासन ने जहाज को बंदरगाह पर ठहरने की अनुमति देने और चालक दल को सहायता प्रदान करने में मानवीय दृष्टिकोण दिखाया है। उन्होंने कहा कि मैं इस अवसर पर भारत सरकार और स्थानीय अधिकारियों का ईमानदारी से धन्यवाद करना चाहता हूं, जिन्होंने इस कठिन समय में जहाज के कोच्चि में ठहरने की सुविधा प्रदान की और चालक दल का सहयोग किया। ईरानी राजदूत ने कहा कि भारतीय अधिकारियों के साथ उत्कृष्ट समन्वय और सहयोग दोनों देशों के लंबे समय से चले आ रहे मित्रतापूर्ण संबंधों को दर्शाता है।
उन्होंने आगे कहा कि ईरान भारत सरकार और भारतीय जनता के समर्थन और सहयोग की सराहना करता है। फतहाली ने विश्वास जताया कि तेहरान और नई दिल्ली के बीच ऐतिहासिक और रचनात्मक संबंध आने वाले समय में और मजबूत होंगे।
