गुजरात विधान सभा चुनाव में आम लोगों की दिलचस्पी लगातार बढ़ती जा रही है..वजह इस बार का चुनाव राजनीतिक दलों के लिए नाक का सवाल बन चुका है.. हर पार्टी अपने आप को साबित करने में लगी हुई है.. बीजेपी गुजरात में विकास , हिंदुत्व, राष्ट्रीय सुरक्षा, और संगठन की रणनीति के आधार पर चुनाव जीतने का प्लान बना चुकी है..बीजेपी के लिए इस बार का विधान सभा चुनाव इन तीन चेहरों के इर्दगिर्द घूमेगा, इन तीन को आधार बनाकर बीजेपी ने अपनी रणनीति तैयार की है.. पढ़िए हमारी ख़ास रिपोर्ट
विकास और मोदी ,एक दूसरे के पर्याय माने जाने लगे हैं..
चेहरा नंबर 1
मोदी
विकास और मोदी ,एक दूसरे के पर्याय माने जाने लगे हैं... गुजरात चुनाव में भी प्रधानमंत्री मोदी अपने हर भाषण में विकास का जिक्र करते है, इसलिए बीजेपी पीएम मोदी की इस विकाश वाली छवि को भुनाएगी, साथ ही गुजरात के लोगो को भरोसा है और की मोदी है तो मुमकिन है हर वो काम जिसका वादा बीजेपी की तरफ किया जाता है मोदी उसे पूरा करेंगे, गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी ने इस करके दिखाया है...जिसका सीधा फायदा इस चुनाव में बीजेपी को मिलने जा रहा है..
राष्ट्रीय सुरक्षा.. गुजरात एक बॉर्डर स्टेट है जिसका एक छोर पाकिस्तान से लगता है, और देश और गुजरात के लोगों को लगता है पीएम मोदी राष्ट्रीय सुरक्षा से कभी कोई समझौता नहीं करेंगे, इसलिए गुजरात की जनता पीएम मोदी के इस क्वालिटी की वजह से उनकी बातों पर भरोसा करेगी
चेहरा नंबर 2
अमित शाह
... अकाट्य और अचूक रणनीति बनाने में माहिर माने जाते हैं अमित शाह... अमित शाह गुजरात विधान सभा चुनाव में दूसरा सबसे बड़ा नाम हैं..अमित शाह को उनकी रणनीति के लिए जाना जाता है, अमित शाह ने गुजरात विधान चुनाव के लिए हर सीट पर अलग रणनीति तैयार की है, धारा 370 के हटने के बाद अमित शाह की छवि एक मजबूत नेता के रूप में उभरी है.. गुजरात की हर सीट की नब्ज वो जानते है और उसी के अनुसार वो प्लान बना रहे हैं..
अमित शाह लगातार गुजरात में कैंप किए हुए है, पन्ना प्रमुख से सभी पदाधिकारियों की बैठक वो ले चुके हैं, संगठन में कोई खामी न रह जाए इसका ख्याल रखा जा रहा है यानी रणनीति के लेवल पर फिलहाल विपक्ष के पास उसकी कोई काट नही है
चेहरा नंबर 3
योगी आदित्यनाथ
... गुजरात चुनाव में योगी एक ऐसे नाम के रूप में उभरे हैं जिनकी डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है.. बीजेपी गुजरात में योगी के माध्यम से हिंदुत्व को सेंटर स्टेज में रखना चाहती है, विकाश और हिंदुत्व का कॉकटेल जीत की गारंटी माना जाता है ..योगी की छवि हिंदूवादी नेता की है, और ध्रवीकरण कराने में भी वो माहिर हैं.. ऐसे में योगी बीजेपी के लिए तुरुप का इक्का साबित होंगे..
