Cinema hall news : मल्टीप्लेक्स एवं सिनेमाघर में फिल्म देखने जाने वालों के लिए सुप्रीम कोर्ट से बड़ी खबर आई है। अपने एक फैसले में शीर्ष अदालत ने बड़ी बात कही है। कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि मूवी देखने जाने वाले लोग सिनेमाघरों में अपने साथ खाने-पीने की चीजें नहीं ले जा सकते। अदालत ने कहा कि सिनेमा हॉल के भीतर लोग अपने साथ खाने-पीने की क्या चीजें ले जा सकते हैं इसके बारे में फैसला करने का अधिकार सिनेमा हॉल के मालिकों का है। सिनेमा हॉल के मालिक बाहर की खाने-पीने की चीजों पर प्रतिंबंध लगा सकते हैं। कोर्ट का यह फैसला सिनेमा हॉल के मालिकों के पक्ष में गया है।
सिनेमा हॉल में बाहर की खाने-पीने की चीजें नहीं ले जा सकते।
सिनेमा देखने जाने वाले व्यक्ति के पास विकल्प-एससी
प्रधान न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने अपने फैसले में कहा, 'सिनेमा देखने जाने वाले व्यक्ति के पास यह विकल्प भी होता है कि वह सिनेमाघर में इन चीजों का सेवन न करे।' पीठ ने हालांकि, जोर देते हुए कहा कि माता-पिता अपने नवजात बच्चों के लिए यदि खाने-पीने की चीजें ले जाते हैं तो उन पर रोक नहीं लगाई जानी चाहिए।
Supreme Court observes that cinema halls are fully entitled to set their terms and conditions for the sale of food… t.co/Wll1keLGGP
— ANI (@ANI) Jan 3, 2023
कोई खाने के लिए जलेबी ले जा सकता है
सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कहा, 'सिनेमाघर निजी संपत्ति है। सिनेमाघर में लाई जाने वाली चीजों पर मालिक रोक लगा सकता है। सिनेमा हॉल में यदि कोई जलेबी ले जाना चाहता है तो सिनेमा हॉल के मालिक के पास उस पर रोक लगाने का अधिकार है। इस बात की पूरी संभावना बनती है कि जलेबी खाने के बाद व्यक्ति अपना हाथ सीट से पोछेगा और सीट को गंदा करेगा।' सीजेआई ने आगे कहा कि सिनेमाघरों में सभी के लिए मुफ्त में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध है और नवजातों के लिए खाद्य सामग्री ले जाने की भी छूट है लेकिन सिनेमाघर के भीतर सभी तरह की खाद्य सामग्री ले जाने की छूट नहीं है।'
J&K हाई कोर्ट के फैसले को खारिज किया
सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट का आदेश खारिज कर दिया। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि सिनेमाघरों के मालिक दर्शकों को अपने साथ बाहर की खाने-पीनें की चीजें ले जाने पर प्रतिबंध नहीं लगा सकते। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर हाई कोर्ट ने इस तरह का आदेश पारित किया। बता दें कि थियेटर मालिकों एवं मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट के 2018 के फैसले को चुनौती दी थी। इन अर्जियों पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।
