महिलाओं को कोई नौकरी नहीं देगा...पीरियड्स की छुट्टियां अनिवार्य करने पर क्या बोला सुप्रीम कोर्ट?

सुप्रीम कोर्ट ने छात्राओं और कामकाजी महिलाओं के लिए मासिक धर्म अवकाश को अनिवार्य करने संबंधी राष्ट्रव्यापी नीति बनाने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि यदि इस तरह का अवकाश कानून के जरिए अनिवार्य किया गया तो नियोक्ता महिलाओं को नौकरी देने से हिचक सकते हैं

सुप्रीम कोर्ट ने मासिक धर्म में छुट्टी को लेकर दाखिल एक याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि ऐसे में कोई महिलाओं को नौकर नहीं देगा। शीर्ष अदालत ने हालांकि कहा कि सक्षम प्राधिकारी इस संबंध में दिए गए अभ्यावेदन पर विचार कर सकते हैं और सभी संबंधित पक्षों से परामर्श के बाद मासिक धर्म अवकाश पर नीति बनाने की संभावना की समीक्षा कर सकते हैं। न्यायालय ने जनहित याचिका का निपटारा करते हुए प्राधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अभ्यावेदन पर उचित निर्णय लें।

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