बिजली कंपनियों के बकाये का 4 साल के भीतर करें भुगतान, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश

सुप्रीम कोर्ट का एक फैसला आने वाले दिनों में दिल्ली समेत कई राज्यों में बिजली की कीमतों में इजाफे की वजह बन सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा कि वो बिजली कंपनियों के बकाया बिलों का भुगतान चार साल के भीतर करे जिसकी गणना 2024 से की जाएगी।

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट का एक फैसला आने वाले दिनों में दिल्ली समेत कई राज्यों में बिजली की कीमतों में इजाफे की वजह बन सकता है। दरअसल, एक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा कि वो बिजली कंपनियों के बकाया बिलों का भुगतान चार साल के भीतर करे जिसकी गणना 2024 से की जाएगी। रेगुलेटरी एसेट्स के रूप में जाने जानी वाली यह बकाया रकम देशभर में डेढ़ लाख करोड़ से भी ज्यादा है।

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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)

कोर्ट ने क्या कुछ कहा?

कोर्ट ने स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन से कहा कि वो इन बकाया रकम की बरामदगी को लेकर एक समयबद्ध रोड मैप दे। कोर्ट ने एपिलेट ट्रिब्यूनल फ़ॉर इलेक्ट्रिसिटी से कहा कि वो इन निर्देशों पर अमल पर निगरानी सुनिश्चित करे। कोर्ट ने अपने आदेश में स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन और APTEL की इस बात को लेकर की खिंचाई की कि वो बिजली कंपनियों के बकाए में हो रही बेतहाशा बढ़ोतरी पर लगाम लगाने में नाकामयाब रहे हैं। जिसका बोझ आखिरकार उपभोक्ता की जेब पर पड़ता है।

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