बिना वसीयत मरने पर विवाहित महिला की संपत्ति किसे मिलेगी? SC ने हिंदू उत्तराधिकार कानून को लेकर की बड़ी टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम की उस धारा पर सुनवाई में टिप्पणी की है, जिसमें कहा गया है कि बिना वसीयत और संतानविहीन विवाहित महिला की संपत्ति पति के परिवार को जाएगी। जस्टिस बी वी नागरत्ना ने कहा कि विवाह के बाद महिला का गोत्र और जिम्मेदारी पति के परिवार की हो जाती है, पर यदि चाहें तो महिला वसीयत बनाकर संपत्ति मायके को भी दे सकती है।

सुप्रीम कोर्ट में हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम की उस धारा को चुनौती दी गई है, जिसके अनुसार यदि कोई हिंदू महिला बिना वसीयत (Intestate) और बिना पति या संतान के मृत्यु को प्राप्त होती है तो उसकी संपत्ति पति के परिवार को जाएगी। याचिका में कहा गया कि यह प्रावधान महिलाओं के साथ भेदभाव करता है और समानता के अधिकार का उल्लंघन है।

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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)

सुप्रीम कोर्ट ने कानून को लेकर की सख्त टिप्पणियां

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कई महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं। जस्टिस बी वी नागरत्ना ने कहा कि याद रखिए हिंदू समाज किस तरह से संचालित होता है। आप इन सबको नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते। कन्‍यादान शब्द को याद रखिए।

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