जातीय जनगणना पर बिहार सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, रोक लगाने से किया इनकार

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Oct 6, 2023, 02:37 PM IST

बता दें कि नीतीश सरकार ने 2 अक्तूबर 2023 को जातिगत सर्वे के आंकड़े सामने रखे थे। इसे लेकर बिहार का सियासी तापमान गर्म है।

Bihar Caste Census: जातीय जनगणना पर बिहार सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने जातीय जनगणना पर किसी भी तरह की रोक लगाने से इंकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम राज्य के किसी काम पर रोक नहीं लगा सकते हैं। साथ ही इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को नोटिस जारी किया है। अगली सुनवाई जनवरी 2024 में होगी। बता दें कि नीतीश सरकार ने 2 अक्तूबर 2023 को जातिगत सर्वे के आंकड़े सामने रखे थे।

न्यायमूर्ति संजय खन्ना और न्यायमूर्ति एस एन भट्टी ने पटना हाइकोर्ट के एक अगस्त के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर एक औपचारिक नोटिस जारी किया। हाई कोर्ट ने बिहार में जाति सर्वेक्षण की मंजूरी दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की उन आपत्तियों को खारिज कर दिया कि राज्य सरकार ने कुछ आंकड़ें प्रकाशित कर स्थगन आदेश की अवहेलना की और मांग की कि आंकड़ों को प्रकाशित किए जाने पर पूर्ण रोक लगाने का आदेश दिया जाना चाहिए।

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