ED निदेशक के सेवा विस्तार पर क्यों भड़का SC, क्या इनसे योग्य कोई दूसरा अफसर नहीं

  • Authored by: ललित राय
  • Updated May 4, 2023, 09:23 AM IST

Supreme Court on ED Director: प्रवर्तन निदेशालय के मौजूदा निदेश संजय कुमार मिश्रा का कार्यकाल नवंबल 2023 तक है। उन्हें तीसरी बार सेवा विस्तार दिया गया है। इसके खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से तीखे सवाल पूछे।

KEY HIGHLIGHTS
  • मौजूदा निदेशक को तीन बार सेवा विस्तार
  • सेवा विस्तार देने के लिए नियमों में संशोधन
  • नियमों में संशोधन के खिलाफ दायर है अर्जी

Supreme Court on ED Director: प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक संजय कुमार मिश्रा (Sanjay Kumar Mishra)को तीसरी दफा सेवा विस्तार दिए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से सवाल पूछा क्या इनसे काबिल कोई और दूसरा अधिकारी नहीं है। क्या मौजूदा निदेशक ईडी के लिए अपरिहार्य बन गए हैं। जस्टिस बी आर गवई, ने सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता (Tushar Mehta) से पूछा कि क्या एक शख्स इतना अपरिहार्य बन सकता है। आपके मुताबिक ईडी में दूसरा कोई योग्य नहीं है। 2023 में जब वो रिटायर हो जाएंगे तो उस समय एजेंसी की पोस्ट को लेकर क्या होगा। बता दें कि जस्टिस गवई के साथ जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संजय करोल भी बेंच में हैं।

Supreme Court of India, Enforcement Directorate

ईडी निदेशक को तीसरी बार सेवा विस्तार पर सुप्रीम कोर्ट का सवाल

क्या है पूरा मामला

सुप्रीम कोर्ट(Supreme court of India) उस याचिका की सुनवाई कर रहा है जिसमें संजय कुमार मिश्रा के सेवा विस्तार को चुनौती दी गई है। 2021 का एक आदेश है कि जिसके मुताबिक 1984 बैच के आईआरएस अधिकारी संजय कुमार मिश्रा को नवंबर 2021 के बाद सेवा विस्तार नहीं दिया जा सकता है। बेंच के सामने मिश्रा के बारे में तर्क पेश करते हुए कहा कि ऐसा करना इसलिए जरूरी था ताकि उनकी अगुवाई में ग्लोबल टेरर फाइनेंसिग पर काम चल रहा है और उसमें किसी तरह की बाधा ना आए।संजय कुमार मिश्रा को दो साल के लिए ईडी का निदेशक बनाया गया था। लेकिन नवंबर 2020 में कार्यकाल खत्म होने से पहले एक साल का सेवा विस्तार दिया गया। लेकिन कॉमन कॉज(Common Cause ngo) नाम की एनजीओ ने इसे चैलेंज किया।

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