73 साल पहले पुलिस ने कब्जा कर ली थी जमीन, अब राहत का आदेश; सुप्रीम कोर्ट ने J-K प्रशासन को मुआवजा और किराया देने का दिया निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर प्रशासन को 1953 में पुलिस थाने के निर्माण के लिए कथित तौर पर जबरन ली गई जमीन के बदले एक किसान के वंशज को मुआवजा और जमीन के इस्तेमाल का किराया देने का निर्देश दिया।

जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा 1953 पहले किसान की जमीन कब्जा करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। शीर्ष कोर्ट ने सोमवार को इस मामले में किसान के वंशज को मुआवजा और इतने सालों तक का किराया देने का निर्देश दिया है। यह जमीन बिना किसी औपचारिक अधिग्रहण प्रक्रिया और मुआवजा दिए करीब 73 साल पहले कब्जे में ली गई थी।

सुप्रीम कोर्ट

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सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने 73 साल पुराने मामले में ये फैसला दिया। उन्होंने कहा कि लगभग सात दशक की देरी के कारण अब नए सिरे से भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही शुरू करने का निर्देश देना संभव नहीं है। हालांकि, पीठ ने राहत देते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण अधिकारी उस तारीख से अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू मानेगा, जब याचिकाकर्ता ने 2021 में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट का रुख किया था।

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