प्राइवेट अस्पतालों में ज्यादा बिल को लेकर केंद्र पर नाराज हुआ सुप्रीम कोर्ट, कहा- रेट हो फिक्स वरना...

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 28, 2024, 12:04 PM IST

शीर्ष अदालत ने केंद्र पर सख्त होते हुए कहा कि पूरे देश में मौजूद अस्पतालों को निर्देश दिया जाए कि इलाज से लेकर सर्जरी तक का रेट फिक्स हो।

प्राइवेट अस्पतालों में बिलों के अंतर को लेकर सुप्रीम कोर्ट केंद्र पर खासा नाराज दिखा। सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में इलाज की दरों में असमानता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को चेताते हुए कहा कि वो इस पर एक्शन ले वरना वो CGHS वाला नियम लागू कर देगा।

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प्राइवेट अस्पतालों में ज्यादा बिल को लेकर केंद्र पर नाराज हुआ सुप्रीम कोर्ट

किसने दाखिल की है याचिका

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया है कि मोतियाबिंद सर्जरी की लागत सरकारी अस्पताल में प्रति आंख 10,000 रुपये और निजी अस्पताल में 30,000-1,40,000 रुपये तक हो सकती है। ये असमानता बंद होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए नॉन गवर्नमेंट ऑरगेनाईजेशन ‘वेटरंस फोरम फॉर ट्रांसपेरेंसी इन पब्लिक लाइफ’ ने अस्पतालों में मेडिकल चार्ज के अलग-अलग मानकों को लेकर सवाल उठाया है।

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