नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने न्यूज रिपोर्ट्स के आधार पर देशभर में आवारा कुत्तों द्वारा बच्चों और बुजुर्गों को काटे जाने की घटनाओं पर स्वत: संज्ञान (suo moto cognisance) लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कुत्तों के काटने से रेबीज होने की घटनाओं के बारे में मीडिया में आयी एक खबर पर सोमवार को स्वत: संज्ञान लिया
आवारा कुत्तों का आतंक, सुप्रीम कोर्ट ने किया संज्ञान (फोटो - PTI)
जस्टिस जे बी पारदीवाला ने कहा - ये बहुत ही चिंताजनक खबर है- 'City hounded by strays and kids pay price' (बहुत परेशान करने वाला और चिंताजनक )। रिपोर्ट के अनुसार शहरों और आसपास के इलाकों में सैकड़ों आवारा कुत्तों के काटने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे रैबीज़ फैल रहा है और मासूम बच्चे और बुजुर्ग इसकी चपेट में आ रहे हैं। कोर्ट ने आदेश दिया कि यह रिपोर्ट रिकॉर्ड में ली जाए और इस मामले की सुनवाई शुरू की जाए।
पीठ ने कहा कि समाचार में कुछ चिंताजनक और परेशान करने वाले आंकड़े और तथ्य हैं। इसमें कहा गया है कि हर दिन शहर और इसके बाहरी इलाकों में कुत्तों के काटने की सैकड़ों घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे रेबीज हो रहा है और अंततः बच्चे एवं बुजुर्ग इस भयानक बीमारी का शिकार हो रहे हैं। पीठ ने कहा कि हम इस समाचार पर स्वत: संज्ञान लेते हैं। उसने कहा कि उचित आदेश के लिए इस निर्णय को समाचार रिपोर्ट के साथ भारत के प्रधान न्यायाधीश के समक्ष पेश किया जाए। (भाषा इनपुट)
