Rahul Gandhi: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने देशभर में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों को लेकर सरकार को घेरा है। राहुल ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ हुए अपराधों के लिए उन्हें दंडित करना बंद किया जाना चाहिए। राहुल ने कहा, पूरे देश में महिलाएं सड़कों पर चलने से डरती हैं, उत्पीड़न और बलात्कार के डर से सहमी हुई हैं। और सरकार का जवाब है: घर में रहो।
राहुल गांधी का सरकार पर निशाना
कहा- यह पितृसत्ता का ही एक रूप है
राहुल ने एक्स पर लिखा- यह पितृसत्ता का ही एक रूप है: एक ऐसी व्यवस्था जो पीड़ित को दोषी ठहराती है और अपराधी को बचाती है। इसे खत्म करने का समय आ गया है। समाधान महिलाओं को घरों में बंद रखना नहीं है। समाधान है सड़कों को सुरक्षित बनाना, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने वाले पुरुषों की मानसिकता का सामना करना और उन पर हमला करने वालों को बिना किसी अपवाद के तुरंत दंडित करना।
GenZ से बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरने की अपील
हजारों छात्र और युवा महिलाओं की सुरक्षा की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे हैं। मैं भारत भर की युवा महिलाओं, विशेष रूप से GenZ से, बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरने का आग्रह करता हूं। यह सरकार आपके दर्द को अनसुना कर रही है और दबाव में आने पर ही सुनेगी। शांतिपूर्ण विरोध आपका लोकतांत्रिक अधिकार है, और मैं पूरे दिल से आपके साथ खड़ा हूं।
दिल्ली में महिला सुरक्षा बेहद संवेदनशील और गंभीर मुद्दा
दिल्ली में महिला सुरक्षा एक अत्यंत संवेदनशील और गंभीर विषय बना हुआ है। कड़े कानूनों और तमाम सरकारी दावों के बावजूद सार्वजनिक स्थानों, पार्कों और सड़कों पर महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर कई बुनियादी खामियां लगातार सामने आ रही हैं। कालकाजी के आस्था कुंज पार्क की वारदात ने सबको हिलाकर रख दिया है। 21 सितंबर 2026 में दिल्ली के कालकाजी मंदिर के पास स्थित आस्था कुंज पार्क में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। शाम को आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय एक नाबालिग लड़की अपने दोस्त के साथ गई थी। आरोप है कि पुलिसकर्मी बनकर आए तीन बदमाशों ने लड़की के साथ यौन उत्पीड़न/सामूहिक दुष्कर्म किया।
दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस घटना के बाद 142 एकड़ में फैले इस पार्क की सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल की गई। जांच में पाया गया कि पार्क के अंदर CCTV कैमरे नहीं थे, मुख्य द्वारों के कैमरे खराब पड़े थे और गार्ड रूम में बिजली तक नहीं थी। लेडी श्रीराम कॉलेज और दिल्ली विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्रों ने सुरक्षा जवाबदेही की मांग को लेकर सड़कों पर विरोध मार्च निकाला। सुप्रीम कोर्ट जस्टिस जे.बी. पारडीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने दिल्ली-एनसीआर में महिलाओं की सुरक्षा पर स्वतः संज्ञान लिया और अधिकारियों को 4 सप्ताह के भीतर सार्वजनिक स्थानों व पार्कों का विस्तृत 'सेफ्टी ऑडिट' करने का निर्देश दिया।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़े
एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, देश के प्रमुख 19 महानगरों में महिलाओं के खिलाफ दर्ज होने वाले कुल अपराधों में दिल्ली में मामले काफी अधिक दर्ज होते हैं। हालांकि इसका एक कारण पुलिस द्वारा मामलों की रिपोर्टिंग/FIR का आसान होना भी है, लेकिन यह जमीनी सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न चिन्ह लगाता है।
