'एकात्मता की मूर्ति': अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरी 108 फीट ऊंची शंकराचार्य की प्रतिमा, हवा के उच्च दबाव में भी रहेगी अडिग

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली द्वारा किए गए तकनीकी आकलन के अनुसार, इस भव्य प्रतिमा की 'डिजाइन लाइफ' (अभिकल्पना अवधि) 500 वर्ष या उससे अधिक निर्धारित की गई है, जो इसके दीर्घकालिक स्थायित्व को अकाट्य रूप से प्रमाणित करती है।

Statue of Oneness : पवित्र नगरी ओंकारेश्वर में 'एकात्म धाम' में स्थापित आदिगुरु शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची बहुधातु प्रतिमा 'एकात्मता की मूर्ति' पूर्णतः सुरक्षित, सुदृढ़ और संरचनात्मक रूप से अत्यंत मजबूत है। संस्कृति विभाग के 'आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास' द्वारा वर्ष 2023 में स्थापित की गई यह भव्य प्रतिमा अत्याधुनिक इंजीनियरिंग और उच्चतम अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इसके निर्माण, अभिकल्पना और सुरक्षा आकलन में देश-विदेश की सर्वोच्च और अत्यंत प्रतिष्ठित विशेषज्ञ संस्थाओं की सेवाएं ली गई हैं।

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अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरी 108 फीट ऊंची शंकराचार्य की प्रतिमा।

मैसर्स एल एंड टी ने किया प्रतिमा का निर्माण

मुख्य अभियंता एवं परियोजना संचालक एकात्मधाम राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि ऐतिहासिक प्रतिमा 'एकात्मता की मूर्ति' का निर्माण कार्य मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' का सफलतापूर्वक निर्माण करने वाली देश की अग्रणी कंपनी मैसर्स एल एंड टी (L&T) के माध्यम से संपन्न कराया गया है। मूर्ति के कॉस्टिंग का महत्वपूर्ण कार्य भी 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' जैसी वैश्विक धरोहर बनाने वाली ख्याति प्राप्त कंपनी जेटीक्यू द्वारा किया गया है। परियोजना प्रबंधन सलाहकार के रूप में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कंपनी मैसर्स माइनहार्ट सिंगापुर ने अपनी सेवाएं दी हैं, जिन्हें इस प्रकार की विशाल संरचनाओं का व्यापक वैश्विक अनुभव है।

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