एक बार फिर कोरोना का खतरा सिर पर है। देश में बीएफ.7(BF.7 Variant) के मरीजों के मिलने के बाद राज्य सरकारें सतर्क हो गई हैं। विपक्ष मांग कर रहा है कि केंद्र सरकार जल्द से जल्द गाइडलाइंस जारी करे। इन सबके बीच दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने आपात बैठक बुलाई है। इसके साथ ही यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ समीक्षा बैठक करने वाले हैं तो उत्तराखंड सरकार का कहना है कि जल्द ही एसओपी जारी की जाएगी। नीति आयोग के सदस्य और कोविड पैनल के अहम सदस्य डॉ वी के पॉल ने कहा कि मास्क को लेकर हर किसी को गंभीर होने की जरूरत है। लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर बिना मास्क जाने से बचना चाहिए।
उत्तराखंड सरकार जारी करेगी SOP
अमेरिका, जापान, कोरिया, ब्राजील और चीन में कोविड के मामलों में अचानक बढ़ोतरी के बाद उत्तराखंड सरकार केंद्र के दिशानिर्देशों के आधार पर कोविड-19 पर नयी मानक संचालन प्रक्रिया जारी करने की तैयारी कर रही है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने बुधवार को यह बात कही।इन देशों में संक्रमण के मामलों में अचानक बढ़ोतरी ने भारतीय अधिकारियों को चिंता में डाल दिया है।केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक परिपत्र भेजा है, जिसमें वायरस के नए स्वरूपों को समझने के लिए संक्रमण के मामलों के संपूर्ण जीनोम अनुक्रमण पर जोर दिया गया है। रावत ने कहा कि हालांकि राज्य में कोविड की स्थिति अच्छी तरह से नियंत्रण में है, हम सभी तरह की सावधानी बरत रहे हैं। हम केंद्र से दिशानिर्देश प्राप्त करने के तुरंत बाद एक नयी कोविड मानक संचालन प्रक्रिया(SOP) जारी करेंगे।
- चार राज्यों में कोरोना पर अहम बैठक
- यूपी में कोरोना पर समीक्षा बैठक
- दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने बुलाई आपात बैठक
- यूपी में कोरोना के कुल 98 एक्टिव केस
- पिछले 24 घंटों में पांच नए मरीज
- महाराष्ट्र सरकार की दोपहर में समीक्षा बैठक
चीन का जीरो कोविड पॉलिसी से हटना चिंता का विषय
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम गेब्रेयेसस ने कहा कि संगठन चीन में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों की खबरों को लेकर बेहद चिंतित है, क्योंकि देश ने अपनी ‘शून्य कोविड’ नीति को मोटे तौर पर छोड़ दिया है, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में लोग संक्रमित हो रहे हैं। टेड्रोस ने बुधवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी को चीन में कोविड-19 की गंभीरता, विशेषकर अस्पतालों और गहन देखभाल इकाइयों में भर्ती मरीजों को लेकर और अधिक जानकारी की आवश्यकता है, ताकि जमीन पर स्थिति का व्यापक जोखिम आकलन किया जा सके। चीन में गंभीर बीमारी के बढ़ते मामलों की खबरों के बीच बदल रही स्थिति को लेकर डब्ल्यूएचओ बहुत चिंतित है।
