Kunal Kamra Joke Row: क्या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 'सेलेक्टिव' होनी चाहिए या 'बिल्कुल निर्बाध'? कुणाल कामरा जोक विवाद पर 'टाइम्स नाउ' ने लिया स्टैंड

Kunal Kamra Joke Row: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री को 'देशद्रोही' कहने के बाद स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा के साथ जो हो रहा है उसे लेकर टाइम्स नाउ ने अपना स्टैंड साफ किया है।

Freedom Of Speech: कुणाल कामरा के हालिया स्टैंड-अप एक्ट (Kunal Kamra’s Latest Stand-up Act) ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री को 'देशद्रोही' कहने के बाद लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया, जिसके कारण मुंबई के हैबिटेट स्टूडियो में शिंदे सेना के कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की। तब से यह जगह को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया है, जबकि 12 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया, कामरा पर भी कार्रवाई की गई, जिससे चयनात्मक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Selective Free Speech) पर चिंता जताई गई।

Kunal Kamra Joke Row

कुणाल कामरा जोक विवाद पर 'टाइम्स नाउ' ने लिया स्टैंड

YouTube पर कुणाल कामरा के हालिया कॉमिक एक्ट ने देश में एक बहस छेड़ दी है - क्या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता चयनात्मक होनी चाहिए या पूर्ण? (Selective or Absolute?) सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड होने के बाद जो हुआ, वह इस देश के नागरिकों के लिए भयावह था, और यह निश्चित रूप से भारत के लोकतंत्र के लिए रोडमैप नहीं हो सकता। हमें किसी कला रूप की सामग्री से असहमत होने का अधिकार है, लेकिन इस देश में किसी भी असहमति पर तोड़फोड़ की प्रतिक्रिया नहीं हो सकती।

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