Spadex: इतिहास रचने से सिर्फ 3 मीटर की दूरी पर ISRO; और करीब आए दोनों उपग्रह, जल्द करेंगे डॉकिंग

SpaDex: इसरो ने एक्स पर पोस्ट करते हुए जानकारी दी कि 3 मीटर की दूरी पर हम एक-दूसरे उपग्रह को स्पष्ट रूप से देख सकते हैं। हम अब डॉकिंग के लिए सिर्फ 50 फीट की दूरी पर हैं। बता दें, इस मिशन का उद्देश्य छोटे अंतरिक्ष यान का उपयोग करके अंतरिक्ष में डॉकिंग का प्रदर्शन करना है।

ISRO: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने रविवार को कहा कि अंतरिक्ष डॉकिंग प्रयोग करने के लिए प्रक्षेपित किए गए दो उपग्रहों को परीक्षण के तौर पर 3 मीटर की दूरी पर लाया गया और फिर सुरक्षित रूप से वापस ले जाया गया। अंतरिक्ष एजेंसी ने यह भी कहा कि डॉकिंग प्रक्रिया डेटा के विस्तृत विश्लेषण के बाद पूरी की जाएगी। इसरो ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि पहले 15 मीटर और फिर तीन मीटर तक पहुंचने का प्रयास किया गया। अंतरिक्ष यान को सुरक्षित दूरी पर वापस ले जाया जा रहा है। डेटा का विस्तृत विश्लेषण करने के बाद डॉकिंग प्रक्रिया की जाएगी।

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इसरो पहुंचा इतिहास रचने के करीब, जल्द शुरू होगी डॉकिंग प्रक्रिया

30 दिसंबर को मिशन हुआ था लॉन्च

बता दें, इसरो ने 30 दिसंबर 2024 को स्पेस डॉकिंग एक्सपेरीमेंट (स्पैडेक्स) मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च किया था। पीएसएलवी सी60 रॉकेट ने 2 छोटे उपग्रहों, एसडीएक्स 01 (चेजर) और एसडीएक्स 02 (टारगेट) तथा 24 पेलोड को लेकर श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के प्रथम लॉन्चपैड से उड़ान भरी थी। उड़ान के लगभग 15 मिनट बाद दो छोटे अंतरिक्ष यान को 475 किलोमीटर की वृत्ताकार कक्षा में प्रक्षेपित कर दिया गया था। स्पैडेक्स के सफल प्रदर्शन से भारत उन जटिल प्रौद्योगिकियों में महारत हासिल करने वाला चौथा देश बन जाएगा जो इसके भावी मिशनों, जैसे भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन और चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्री को उतारने के लिए महत्वपूर्ण हैं। बता दें, अंतरिक्ष में डॉकिंग एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें अब तक केवल तीन देश अमेरिका, रूस और चीन ही महारत हासिल कर पाए हैं।

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