Southern Command Gujarat Visit: दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम ने हाल ही में गुजरात का व्यापक ऑपरेशनल मूल्यांकन किया। इस दौरे के दौरान उन्होंने क्रीक और कच्छ सेक्टर में सीमा सुरक्षा की तैयारियों और सेना की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता पर विशेष ध्यान दिया। प्रमुख कार्यक्रम के रूप में, लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने बड़े पैमाने पर आयोजित "डिफेंस ऑफ गुजरात" सीमा सुरक्षा अभ्यास का निरीक्षण किया। इस अभ्यास में चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों और जटिल ऑपरेशनल परिस्थितियों में सेना की युद्धक तत्परता, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, और त्वरित निर्णय एवं प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण किया गया।
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने ऑपरेशनल और सामाजिक गतिविधियों की समीक्षा की
मेगा सर्जिकल नेत्र चिकित्सा शिविर का उद्घाटन
परिणामस्वरूप यह स्पष्ट हुआ कि दक्षिणी कमान गुजरात के रणनीतिक और विविध क्षेत्रों में किसी भी आपात स्थिति से निपटने में पूरी तरह सक्षम है। भुज सैन्य स्टेशन में सेना कमांडर ने नई दिल्ली के आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल) की विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सा टीमों के सहयोग से आयोजित मेगा सर्जिकल नेत्र चिकित्सा शिविर का उद्घाटन किया। इस शिविर में 120 से अधिक दूरदराज गांवों से आए 2,500 से अधिक लोगों की जांच की गई, और उन्नत चिकित्सा सुविधाओं एवं शल्य प्रक्रियाओं के माध्यम से 200 से अधिक लाभार्थियों की दृष्टि बहाल की गई।
भारतीय सेना की प्रतिबद्धता
यह पहल सीमावर्ती क्षेत्रों में मानवीय सहायता और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति भारतीय सेना की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। अहमदाबाद में लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ और दक्षिणी कमान की आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (AWWA) की क्षेत्रीय अध्यक्ष श्रीमती कोमल सेठ ने वीर नारियों और शहीद सैनिकों की माताओं से संवाद किया तथा उन्हें सम्मानित किया। यह कार्यक्रम भारतीय सेना की शहीद सैनिकों के परिवारों के प्रति संवेदनशीलता, सम्मान और निरंतर समर्पण को उजागर करता है।
समापन शौर्य संध्या कार्यक्रम के साथ हुआ समापन
दौरे का समापन शौर्य संध्या कार्यक्रम के साथ हुआ, जिसमें गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर सेना की पराक्रम क्षमता और भारतीय संस्कृति का जीवंत मिश्रण देखने को मिला। कार्यक्रम में निफ्ट के छात्रों द्वारा खादी पर आधारित फैशन शो, भरतनाट्यम की सुंदर प्रस्तुति, और सैनिकों द्वारा झंख पाथक, कलारीपयट्टू तथा आर्मी मार्शल आर्ट रूटीन (AMAR) के प्रभावशाली प्रदर्शन शामिल थे। यह दौरा सक्षम और सुरक्षित भारत की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को मजबूती प्रदान करता है और विकसित भारत @2047 की दृष्टि के तहत सेना और नागरिकों के बीच विश्वास व सहयोग को और दृढ़ बनाता है।
