Sonam Wangchuk: सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारों की आवाज उठाने वाले सोनम वांगचुक सोमवार को गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सबसे पहले राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद वह अपने गृह क्षेत्र लद्दाख के लिए रवाना होंगे। उनकी टीम ने रविवार को यह जानकारी साझा की। जानकारी के अनुसार, सोनम वांगचुक को आज सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे अस्पताल से डिस्चार्ज किया जा सकता है। बताया गया है कि अस्पताल से निकलने के बाद उनका पहला कार्यक्रम राजघाट जाकर महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित करना है। इसके बाद वह दिल्ली से लद्दाख के लिए प्रस्थान करेंगे।
गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में एडमिट हैं सोनम वांगचुक
28 जून को गए थे राजघाट
गौरतलब है कि वांगचुक ने इससे पहले भी 28 जून को राजघाट जाकर महात्मा गांधी को नमन किया था। उसी दिन उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में अपने अनिश्चितकालीन अनशन की शुरुआत की थी। उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों के साथ न्याय सुनिश्चित किया जाना बेहद आवश्यक है।
सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया
सोनम वांगचुक 28 जून से आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल रहे और लगातार 26 दिनों तक आमरण अनशन पर बैठे रहे। लंबे उपवास के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने पर 18 जुलाई को उन्हें जंतर-मंतर से हटाकर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था। उस समय वांगचुक ने आरोप लगाया था कि उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध अस्पताल में रखा गया और ऐसा महसूस हो रहा था मानो उन्हें नजरबंद कर दिया गया हो।
शुक्रवार को किया अनशन खत्म
बाद में दिल्ली हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चला। आखिरकार उन्होंने शुक्रवार देर रात अपना 26 दिन का अनशन समाप्त किया, जिसके बाद उनकी स्वास्थ्य स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होने लगा। इस बीच, 20 जून से शुरू हुआ कुल 36 दिनों का यह आंदोलन शनिवार को समाप्त हो गया। यह प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में चलाया गया था। आंदोलन की समाप्ति शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद हुई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करना था। अब अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सोनम वांगचुक राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के पश्चात लद्दाख लौटेंगे।
