Rahul Gandhi in San Francisco: कांग्रेस के पूर्व चीफ राहुल गांधी ने विदेशी धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा है। अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में 31 मई, 2023 को प्रवासी भारतीयों के सामने उन्होंने तंज कसा कि मोदी को लगता है कि वह सब कुछ जानते हैं। वह भगवान को भी ज्ञान दे सकते हैं, जिसके बाद ईश्वर भी सोच में पड़ जाएंगे कि उन्होंने यह क्या बना दिया! बकौल गांधी, "भारत में जो परंपरा है...गुरु नानक और गांधी जी जैसे नेताओं ने कभी यह नहीं कहा कि वह सब जानते हैं। यह दुनिया बहुत बड़ी और जटिल है। यही समस्या और बीमारी है कि भारत में कई ऐसे लोग हैं, जिन्हें लगता है कि वे सब कुछ जानते हैं। उन्हें यह भी लगता है कि वह भगवान से अधिक जानते हैं।"
राहुल ने आगे कहा- वह भगवान के साथ बैठ सकते हैं और उन्हें भी समझा सकते हैं कि क्या कुछ चल रहा है। हमारे प्रधानमंत्री भी ऐसे लोगों में से हैं। मुझे लगता है कि अगर उन्हें भगवान के बगल में बिठा देंगे तो वह उन्हें भी समझाने लगेंगे कि ब्रह्मांड कैसे काम करता है। भगवान भी भ्रमित रह जाएंगे कि मैंने यह क्या बना दिया? यह मजेदार चीजें हैं, पर ऐसा ही हो रहा है।
हमारे यहां ऐसे लोग हैं, जो कि सब कुछ जानते हैं। वे साइंटिस्ट से मिलते हैं तो उन्हें विज्ञान समझाने लगते हैं। वे इतिहासकारों से भेंट करते हैं तो उन्हें इतिहास पर ज्ञान देने लगते हैं। वे सेना को जंग में बारे में बताने लगते हैं। वे जो मन करता है, वे करने (इसी संदर्भ में) लगते हैं। पर असल में वह कुछ नहीं समझते हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि जिंदगी में अगर आप सुनते नहीं है, तब आप कुछ समझते नहीं हैं।
हालांकि, गांधी पोडियम पर जब अपनी बात रख रहे थे, तब कुछ लोग नारेबाजी करने लगे थे। राहुल ने इसके बाद जवाब में मुस्कुरा कर कहा कि वह नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलने आए हैं। दरअसल, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी अमेरिका की यात्रा पर हैं। वह वहां के तीन शहरों की यात्रा करेंगे। गांधी वहां न सिर्फ भारतीय समुदाय के लोगों से मिलेंगे बल्कि अमेरिकी सांसदों से भी भेंट करेंगे।
वैसे, राहुल जब अमेरिका पहुंचे थे तब उन्हें एयरपोर्ट पर आव्रजन मंजूरी के लिए लगभग दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा था। मानहानि मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उनकी सांसदी चली गई थी और फिर उन्होंने अपना राजनयिक यात्रा पासपोर्ट लौटा दिया था। रविवार को उन्हें नया सामान्य पासपोर्ट जारी हुआ था। लोगों ने उनसे वहां जब यह पूछा कि आप कतार में क्यों खड़े हैं? उनका जवाब आया, ‘‘मैं एक आम आदमी हूं। मुझे यह पसंद है। मैं अब कोई सांसद नहीं हूं।’’
