सिलक्यारा सुरंग: 40 मजदूरों के बाहर आने का इंतजार हुआ लंबा, 'एस्केप टनल' ही बचाएगी जान

  • Edited by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Nov 16, 2023, 02:54 PM IST

चारधाम ऑल वेदर सड़क परियोजना के तहत निर्माणाधीन सुरंग का सिलक्यारा की ओर से मुहाने से 270 मीटर अंदर करीब 30 मीटर का हिस्सा ढह गया था और तब से श्रमिक उसके अंदर फंसे हुए हैं।

Silkyara Tunnel: यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग के एक हिस्से के ढहने से पिछले चार दिनों से उसके अंदर फंसे 40 श्रमिकों को बाहर निकालने का इंतजार बढ़ता ही जा रा है। इन्हें बचाने के लिए बड़े व्यास के स्टील पाइपों से एस्केप टनल तैयार किए जा रहे हैं। अब अधिक क्षमता की अमेरिकी ऑगर मशीन से फिर ड्रिलिंग शुरू कर मलबे को हटाने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। अधिकारियों ने कहा कि सुरंग के अंदर ड्रिलिंग उपकरणों को लगभग स्थापित किया जा चुका है और जल्द ही ड्रिलिंग फिर शुरू कर दी जाएगी। एनएचआईडीसीएल की ओर से सुरंग का निर्माण कर रही नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी के जनसंपर्क अधिकारी जीएल नाथ ने सुबह करीब आठ बजे कहा कि मशीन को स्थापित किए जाने का लगभग 95 प्रतिशत काम हो चुका है और अब से एक—डेढ़ घंटे में ड्रिलिंग का काम शुरू हो जाएगा ।

Silkyara Tunnel

सिलक्यारा सुरंग

लगाई गई नई ड्रिलिंग मशीन

नई ड्रिलिंग मशीन स्थापित करने की प्रक्रिया बुधवार रात 11 बजे शुरू की गई थी। नाथ ने उम्मीद जाहिर की कि सुरंग में फंसे श्रमिकों को जल्द ही सकुशल बाहर निकाल लिया जाएगा । उन्होंने कहा कि सभी श्रमिक स्वस्थ हैं और उन्हें हर आधा घंटे में खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है । इससे पहले मंगलवार देर रात मलबे में ड्रिलिंग के दौरान ताजा भूस्खलन होने व मिट्टी गिरने से काम को बीच में रोकना पड़ा था । बाद में ऑगर मशीन भी खराब हो गयी थी । इसके बाद भारतीय वायु सेना के हरक्यूलिस विमानों के जरिए 25 टन वजनी अत्याधुनिक ऑगर मशीन दिल्ली से उत्तरकाशी पहुंचाई गयी जिससे अब दोबारा ड्रिलिंग शुरू की जाएगी।

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