Shivraj Singh New Agriculture Minister: मोदी सरकार 3.0 में मंत्रालयों का बंटवारा हो गया है, विदिशा से जीते सांसद और मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम रहे शिवराज सिंह को मोदी सरकार में बड़ा इनाम मिला है, उन्हें दो मंत्रालय कृषि मंत्रालय के साथ किसान कल्याण, ग्रामीण विकास का भी प्रभार मिला है, माना जा रहा था कि उन्हें कृषि मंत्रालय दिया जा सकता है।
शिवराज सिंह को मोदी सरकार में देश के नए कृषि मंत्री होंगे
यानी कि मोदी 3.0 में मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। शिवराज को भारत का नया कृषि मंत्री बनाया गया है। वहीं शिवराज को किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्रालय को संभालने की भी जिम्मेदारी दी गई है।
केंद्र में एनडीए की सरकार बन गई रविवार 9 जून को नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार राष्ट्रपति भवन से भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली पीएम मोदी के साथ ही 71 सांसदों ने मंत्रिपद की शपथ ली इनमें मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान का भी नाम शामिल रहा।
दोनों ही विभाग दूसरे कार्यकाल में नरेंद्र सिंह तोमर संभाल चुके हैं
ध्यान रहे कि यह लगातार दूसरी बार है जब मध्यप्रदेश से केंद्र में मंत्री को कृषि विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है शिवराज सिंह चौहान को जिस मंत्रालयों की जिम्मेदारी दी गई है ये दोनों ही विभाग मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में नरेंद्र सिंह तोमर संभाल चुके हैं वो भी मध्यप्रदेश से आते हैं।
आठ लाख के भारी अंतर से पराजित कर जीते शिवराज
गौर हो कि शिवराज सिंह चौहान ने 4 जून को घोषित आम चुनाव 2024 के परिणामों में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को आठ लाख 21 हजार के भारी अंतर से पराजित कर विदिशा लोकसभा सीट जीती थी।
'मामाजी' के नाम से हैं मशहूर
'मामाजी' के नाम से मशहूर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने विनम्र एवं मिलनसार स्वभाव के कारण अपने मित्रों ही नहीं विरोधियों में भी पसंद किए जाते रहे हैं और भारतीय जनता पार्टी में वे उन चंद नेताओं में शामिल हैं जिनके पास काफी लंबे समय इतने बड़े राज्य को चलाने का प्रशासनिक कौशल रहा है।
'लाडली बहना' जैसी योजना की मदद से सत्ता विरोधी लहर को मात दी
मध्य प्रदेश के 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में इस 64 वर्षीय नेता ने 'लाडली बहना' जैसी बाजी पलटने वाली योजना की मदद से सत्ता विरोधी लहर को मात दी थी। हालांकि, उनकी पार्टी ने पिछले महीने हुए विधानसभा चुनावों में उन्हें मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में पेश नहीं किया।चौहान को एक सफल प्रशासक के साथ ही बेहद विनम्र और मिलनसार राजनेता के रूप में पहचाना जाता है। किसान परिवार में पैदा हुए चौहान ने सबसे लंबे समय पौने सत्रह साल तक लगातार मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री बनने का इतिहास रचा है।
