देश

नागपुर से लखनऊ लाई जा रही श्रद्धा दुबे, बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश भी साथ; UP पुलिस को मिली 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड

शिवा शर्मा की मौत के मामले में आरोपी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश को नागपुर से गिरफ्तार करने के बाद यूपी पुलिस सड़क मार्ग से लखनऊ ला रही है।

Image

नागपुर से लखनऊ लाई जा रही श्रद्धा दुबे

शिवा शर्मा की मौत के मामले में आरोपी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश को नागपुर से गिरफ्तार करने के बाद यूपी पुलिस सड़क मार्ग से लखनऊ ला रही है। तीनों को ट्रांजिट रिमांड मिली है। लखनऊ में आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि श्रद्धा दुबे ,रश्मि दुबे और दानिश की यूपी पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर ली है।

इन तीनों को नागपुर से लखनऊ ले जाया जा रहा है उन्हें सड़क रास्ते से इन्हें लखनऊ ले जाया जा रहा है 72 घंटे का उनका ट्रांजिट रिमांड मिला है 24 तारीख तक प्रोड्यूस करना है।

न्यायालय ने इनकी ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर दी है

नागपुर जिला एवं सत्र न्यायालय में बुधवार दोपहर 2:30 बजे इन्हें मजिस्ट्रेट एस. डी.कामत इनके कोर्ट में पेश किया गया था। यूपी पुलिस द्वारा इनकी ट्रांजिट रिमांड की मांग न्यायालय के सामने की गई, न्यायालय ने इनकी ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर दी है। उत्तर प्रदेश पुलिस इन तीनों आरोपियों को लेकर नागपुर से लखनऊ के लिए रवाना हो गई है। ये गाड़ी से लखनऊ के लिए रवाना हुए है।

गिरफ्तारी से बचने के लिए जाल बुना वह किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं

बता दें कि पुलिस से हमेशा 11 घंटे आगे रहने वाली श्रद्धा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए जो जाल बुना था, वह किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं है। लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर नेपाल, रायबरेली, आगरा और अंत में नागपुर तक पहुंचा, जहां उत्तर प्रदेश पुलिस, STF और नागपुर पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन ने इस हाई-प्रोफाइल ड्रम का अंत कर दिया।

ऐसा रहा श्रद्धा दुबे का लखनऊ से नेपाल और फिर नागपुर तक का सफर

9 अक्टूबर की रात: शिवा शर्मा की मौत के बाद श्रद्धा दुबे ने गिरफ्तारी से बचने के लिए तुरंत फरार होने का फैसला किया।

10 अक्टूबर: वह अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से बहराइच के रूपईडीहा स्थित भारत-नेपाल सीमा पर पहुंची। सीमा के पास गाड़ी लावारिस छोड़कर वह पैदल ही नेपाल की सीमा में दाखिल हो गई।

11 अक्टूबर: नेपाल के महेंद्रनगर इलाके में श्रद्धा को ई-रिक्शा से जाते हुए सीसीटीवी कैमरे में कैद किया गया। इस दौरान उसके साथ उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर भी मौजूद था। इसके बाद वे नेपाल के दांग जिले में छिपे रहे।

15 अक्टूबर: श्रद्धा ने नेपाल छोड़ा और कुशीनगर के रास्ते वापस उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश किया।

16 अक्टूबर: वह रायबरेली पहुंची, जहां बस स्टेशन के पास उसने अपनी गाड़ी बदली और दूसरे वाहन से आगे के सफर के लिए रवाना हुई।

रायबरेली के बाद श्रद्धा लखनऊ पहुंची। यहां उसने शातिर तरीके से मीडिया को बाइट देकर खुद को बेगुनाह साबित करने की कोशिश की। इसके साथ ही उसने हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी की, जिसके तहत कोर्ट में अपनी फोटो और अंगूठे के निशान भी दर्ज कराए ताकि पुलिस पर कानूनी शिकंजा कसा जा सके।

आगरा के 'ओम पैलेस होटल' में वह करीब 24 घंटे तक रुकी

लखनऊ के बाद श्रद्धा सीधे आगरा पहुंची। आगरा के 'ओम पैलेस होटल' में वह करीब 24 घंटे तक रुकी। आगरा से उसने एक अर्टिगा टैक्सी बुक की और नागपुर के लिए निकल पड़ी। इस दौरान उसने अपने सामान्य फोन का इस्तेमाल करने के बजाय एक ड्राइवर के फोन से किसी को व्हाट्सएप कॉल किया और फिर तुरंत वह नंबर डिलीट कर दिया। पुलिस ने इसी डिलीट किए गए नंबर और ड्राइवर के फोन को ट्रैक करते हुए उसके अगले ठिकानों का सुराग लगाया। आगरा से निकलने के बाद श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर झांसी के रास्ते नागपुर पहुंचे। नागपुर में ये लोग एक सुनसान इलाके में स्थित एक अपार्टमेंट की 11वीं मंजिल पर किराए के फ्लैट में छिपे हुए थे।

श्रद्धा ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए कई हथकंडे अपनाए

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन 11 दिनों की फरारी के दौरान श्रद्धा ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए कई हथकंडे अपनाए। पहचान छिपाने के लिए उसने यात्रा के दौरान बुर्के का सहारा लिया। सामान्य फोन बंद रखकर उसने तीन आईफोन और इंटरनेट कॉलिंग ऐप फेसटाइम का इस्तेमाल किया ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। फरारी के दौरान वह लगातार निजी टैक्सियां बदलती रही और कुल पांच अलग-अलग होटलों में रुकी। दूसरों की मदद से होटल बुक कराए जाते थे।

पुलिस अब तीनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है

सीसीटीवी फुटेज, ई-रिक्शा के मूवमेंट और डिजिटल सर्विलांस की कड़ियों को आपस में जोड़ते हुए आखिरकार 20 अक्टूबर को लखनऊ पुलिस, एसटीएफ और नागपुर पुलिस के संयुक्त अभियान में श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश को दबोच लिया गया। पुलिस अब तीनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि इस साजिश में शामिल अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article