महाराष्ट्र की राजनीति में आगामी मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस (17 सितंबर) से पहले सियासी पारा चढ़ गया है। राज्य के मराठवाड़ा क्षेत्र में विकास कार्यों के अनगिनत अधूरे वादों को लेकर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने सत्तारूढ़ महायुति सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार दोपहर हिंगोली जिले में पार्टी ने 'तुमसे ना हो पाएगा' नाम से एक अनूठा और आक्रामक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया।
फडणवीस सरकार पर शिवसेना (UBT) का तीखा हमला (फाइल फोटो)
मशहूर बॉलीवुड फिल्म के डायलॉग से प्रेरित 'तुमसे ना हो पाएगा' आंदोलन का नेतृत्व महाराष्ट्र विधान परिषद के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और शिवसेना (UBT) के एमएलसी अंबादास दानवे ने किया। इस आंदोलन के जरिए उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना का मकसद 17 सितंबर 1948 को हैदराबाद के निजाम शासन से मराठवाड़ा की मुक्ति की वर्षगांठ से ठीक पहले सरकार की विफलताओं को उजागर करना और उसे चौतरफा घेरना है।
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डेढ़ फीसदी वादे भी नहीं कर पाई पूरा-अंबादास दानवे
प्रदर्शनकारियों और आम जनता को संबोधित करते हुए अंबादास दानवे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर जमकर निशाना साधा। दानवे ने आरोप लगाया कि सरकार ने हिंगोली जिले और पूरे मराठवाड़ा क्षेत्र के विकास के लिए 780 से अधिक बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन हकीकत यह है कि सरकार उनमें से 1.5 प्रतिशत वादों को भी पूरा करने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दल ने मराठवाड़ा का सिर्फ राजनीतिक इस्तेमाल किया है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई वास्तविक विकास नहीं पहुंचाया।
17 सितंबर को विशाल जनसभा
दानवे ने क्षेत्र की गंभीर समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि मराठवाड़ा पूरे राज्य में सबसे ज्यादा किसान आत्महत्याओं का दंश झेल रहा है। आजादी और 1948 के विलय के बाद मराठवाड़ा बिना किसी शर्त के महाराष्ट्र का हिस्सा बना था, लेकिन आज भी इस क्षेत्र के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री फडणवीस के गृह क्षेत्र विदर्भ से तुलना करते हुए आरोप लगाया कि विदर्भ की तर्ज पर मराठवाड़ा को उसका हक नहीं दिया जा रहा।
विरोध प्रदर्शन के अंत में पार्टी नेताओं ने अपनी मांगों को लेकर रेजीडेंट कलेक्टर प्रतीक्षा भुटे को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। दानवे ने ऐलान किया कि हिंगोली से शुरू हुआ यह जनआंदोलन 17 सितंबर को छत्रपति संभाजीनगर में पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे की गरिमामयी मौजूदगी में एक विशाल जनसभा के साथ संपन्न होगा।
