Sheik Hasina Death Sentence: बांग्लादेश के इतिहास में सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाली शेख हसीना को आज (सोमवार) मौत की सजा सुनाई गई है। अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण-बांग्लादेश (ICT-BD) ने फांसी की सजा सुनाई है। पिछले साल अगस्त महीने में शेख हसीना और उनकी बहन ने बांग्लादेश से भागकर भारत में शरण ली थी।
पीएम शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग पर MEA का बयान आया सामने।(फोटो सोर्स: AP)
इसी बीच बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने एक बार फिर से भारत से पूर्व पीएम शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग की है। बांग्लादेश की एक अदालत के शेख हसीना को मौत की सजा सुनाए जाने के बाद मोहम्मद युनूस सरकार ने एक बार फिर से अपनी मांग को दोहराया है।
विदेश मंत्रालय ने क्या दिया बयान?
बांग्लादेश की मांग पर विदेश मंत्रालय का जवाब आया है। विदेश मंत्रालय ने कहा, भारत ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के संबंध में "बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण" द्वारा सुनाए गए फैसले पर गौर किया है। एक पड़ोसी होने के नाते भारत बांग्लादेश के लोगों के सर्वोत्तम हितों के लिए प्रतिबद्ध है। भारत, बांग्लादेश की शांति, लोकतंत्र, समावेशिता और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है। हम बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के साथ संपर्क में हैं।"
अदालत के फैसले पर शेख हसीना ने क्या कहा?
बता दें कि शेख हसीना ने भी सभी आरोपों से इनकार किया और अदालत की आलोचना की कि उसने अवामी लीग और खुद को अपना बचाव करने का उचित मौका नहीं दिया। उन्होंने न्यायाधिकरण पर पलटवार करते हुए कहा कि उसके न्यायाधीशों और वकीलों ने "वर्तमान प्रशासन के प्रति सार्वजनिक रूप से सहानुभूति व्यक्त की है। आईसीटी के फैसले के कुछ ही मिनट बाद जारी एक बयान में हसीना ने इस पूरी कार्यवाही को ही धांधली करार दिया है।
