'कांग्रेस की विचारधारा से कोई समस्या नहीं', अध्यक्ष चुनाव से पहले शशि थरूर का यू-टर्न

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  • Updated Oct 16, 2022, 06:19 PM IST

Shashi Tharoor:​​ कांग्रेस पार्टी के तकरीबन 137 साल के इतिहास में सोमवार को छठी बार ये तय करने के लिए चुनावी मुकाबला होगा कि कौन पार्टी के इस अहम पद की कमान संभालेगा। इसके साथ ही सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के पार्टी के अध्यक्ष पद का चुनाव न लड़ने पर 24 साल बाद गांधी परिवार के बाहर का कोई व्यक्ति कांग्रेस अध्यक्ष बनेगा। पिछला चुनाव नवंबर 2000 में हुआ था, जिसमें पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी ने अपने प्रतिद्वंद्वी जितेंद्र प्रसाद को हराया था।

KEY HIGHLIGHTS
  1. कांग्रेस के अध्यक्ष चुनाव से पहले उम्मीदवार शशि थरूर का यू-टर्न
  2. कांग्रेस की विचारधारा से कोई समस्या नहीं- शशि थरूर
  3. कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए कल होगा चुनाव

Shashi Tharoor: कांग्रेस (Congress) के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार शशि थरूर ने रविवार को कहा कि उन्हें अपनी पार्टी की विचारधारा से कोई समस्या नहीं है। साथ ही कहा कि वह पार्टी को मजबूत बनाने के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं, चाहे कोई भी चुनाव जीते। सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष के लिए चुनाव होगा। चुनाव से एक दिन पहले शशि थरूर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की विचारधारा से कोई समस्या नहीं है, लेकिन मैं अपने काम करने के तरीके में बदलाव लाना चाहता हूं।

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कांग्रेस के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार शशि थरूर। (File Photo)

कांग्रेस के अध्यक्ष चुनाव से पहले उम्मीदवार शशि थरूर का यू-टर्न

साथ ही कहा कि मेरे मुकाबले में खड़े मल्लिकार्जुन खड़गे एक अनुभवी नेता हैं, अगर वह जीतते हैं, तो हम स्वाभाविक रूप से मिलकर काम करेंगे। शशि थरूर पार्टी प्रतिनिधियों से समर्थन इकट्ठा करने के लिए अकेले अभियान चला रहे हैं। वहीं जी -23 के नेताओं ने भी थरूर के प्रतिद्वंद्वी मल्लिकार्जुन खड़गे को समर्थन दिया है।

वहीं थरूर ने राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के खिलाफ कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के सामने आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने कहा कि पार्टी के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद गहलोत खड़गे का खुलकर समर्थन कर रहे हैं। कुछ दिन पहले अशोक गहलोत ने एक वीडियो पोस्ट कर राजस्थान कांग्रेस के सभी सदस्यों से मल्लिकार्जुन खड़गे के पक्ष में मतदान करने की अपील की और उन्हें खुला समर्थन भी दिया। गहलोत की अपील पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण की आचार संहिता के सीधे विपरीत थी।

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