Shashi Tharoor Lift Incident: केरल की राजधानी तिरूवनंतपुरम से शुक्रवार शाम को एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर (shashi tharoor lift hadsa) यहां एक स्थानीय होटल की लिफ्ट में कई मिनटों तक फंसे रहे। लिफ्ट में आई अचानक तकनीकी खराबी के कारण वहां मौजूद लोगों की सांसें अटक गईं। हालांकि, राहत की बात यह रही कि सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे अग्निशमन और बचाव दल (फायर ब्रिगेड) ने सूझबूझ दिखाते हुए सांसद और उनके साथ मौजूद अन्य सभी लोगों को बेहद सुरक्षित तरीके से बाहर निकाल लिया।
तिरूवनंतपुरम के होटल में लिफ्ट के भीतर फंसे सांसद शशि थरूर (फाइल फोटो)
जानकारी के मुताबिक, शशि थरूर तिरूवनंतपुरम के एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने गए थे। शाम करीब 7:37 बजे दमकल विभाग को आधिकारिक तौर पर सूचना दी गई कि सांसद होटल की लिफ्ट में फंस गए हैं। इसके तुरंत बाद बचाव कर्मियों की एक विशेष टीम घटनास्थल के लिए रवाना हुई। स्थानीय टीवी चैनलों पर दिखाए गए दृश्यों में साफ देखा गया कि शुरुआत में होटल के स्टाफ और कुछ अन्य लोगों ने लोहे की रॉड (छड़) की मदद से लिफ्ट का दरवाजा जबरन खोलने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली।
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14 मिनट की मशक्कत के बाद शशि थरूर आए बाहर
इसके बाद दमकल कर्मियों ने मोर्चा संभाला। उन्होंने आधुनिक 'हाइड्रोलिक स्प्रेडर' मशीन का इस्तेमाल किया और चंद मिनटों में लिफ्ट के भारी दरवाजों को बीच से फैलाकर खोल दिया। शाम करीब 7:51 बजे, यानी लगभग 14 मिनट की मशक्कत के बाद शशि थरूर को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। जब दरवाजा खुला तो देखा गया कि लिफ्ट अपनी तय मंजिल से थोड़ा नीचे ही अटक गई थी और पूरी तरह ऊपर नहीं पहुंच पाई थी। लिफ्ट से बाहर आते ही शशि थरूर के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी, बल्कि उन्होंने मुस्कुराते हुए सबसे पहले दमकल कर्मियों का आभार जताया।
थरूर ने दमकल कर्मियों को चाय पीने का दिया न्योता
उन्होंने कहा, "आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद, आपने सचमुच बहुत सराहनीय काम किया है।" जब अधिकारियों ने उनसे उनकी सेहत के बारे में पूछा, तो उन्होंने तसल्ली देते हुए कहा कि लिफ्ट के अंदर मौजूद सभी लोग पूरी तरह ठीक हैं। थरूर ने पत्रकारों को बताया कि पहले मैकेनिक और होटल कर्मियों ने कोशिश की थी, लेकिन नाकाम रहने पर तुरंत फायर ब्रिगेड को बुलाया गया जो महज 5 मिनट में पहुंच गई। जाते-जाते थरूर ने दमकल कर्मियों को चाय पीने का न्योता भी दिया, जिसे अधिकारियों ने मुस्कुराकर और हाथ मिलाकर विनम्रता से टाल दिया।
