कश्मीर में अलगाववाद की हो चुकी है मौत, अब संवाद की जरूरत, पू्र्व जासूस ने कही बड़ी बात

  • Authored by: ललित राय
  • Updated Jun 18, 2023, 02:26 PM IST

Jammu Kashmir Separatism News:जासूसी के क्षेत्र में ए एस दुलत का खास नाम है। आईबी के पूर्व विशेष निदेशक रहे ए एस दुलत भूतपूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में भी सेवा दे चुके हैं। उन्होंने कश्मीर में अलगवाद और आतंकवाद के मुद्दे पर खास बात कही। उनके मुताबिक घाटी में संवाद स्थापित करने का समय आ गया है।

Jammu Kashmir Separatism News: इंटेलिजेंस ब्यूरो के पूर्व विशेष निदेशक ने ए एस दुलत ने कहा है कि कश्मीर में अलगाववाद की अब मौत हो चुकी है। उन्हें महसूस होता है कि घाटी में मुख्यधारा के राजनीतिक दलों के साथ बातचीत शुरू करने की आवश्यकता है।पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में केंद्र सरकार में जम्मू-कश्मीर के सलाहकार रहे दुलत ने भी पाकिस्तान के साथ बातचीत शुरू करने की जरूरत की वकालत की थीदुलत ने शनिवार को यहां एक साक्षात्कार में कहा, "मेरा मानना है कि अलगाववाद अब मर चुका है। यह निरर्थक हो गया है। अनुच्छेद 370 की तरह अलगाववाद भी खत्म हो गया है। हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक जो 4 अगस्त, 2019 से नजरबंद हैं उनकी कश्मीर की राजनीति में भूमिका है।एक नेता है जो मुझे लगता है कि एक भूमिका है और वह मीरवाइज है, लेकिन उसे अपने घर में रखा गया है। इसलिए हमें केवल तभी पता चलेगा जब वह बाहर आएगा। वह मुख्यधारा में है और जब भी उसे बाहर आने की अनुमति दी जाती है और उन्हें लगता है कि इसे जितनी जल्दी हो सके किया जाना चाहिए फिर हम देखेंगे कि वह किस रास्ते पर जाता है।

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'जम्मू कश्मीर में अब अलगाववाद नहीं'

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