Constitution Day Celebration At Bennett University : देश के पूर्व प्रधान न्यायाधीश (CJI) जस्टिस दीपक मिश्रा ने रविवार को कहा कि भारतीय संविधान की प्रस्तावना, उसकी आत्मा है। पूर्व सीजेआई ने यह बात बेनेट यूनिवर्सिटी के कॉन्स्टीट्यूशन डे सेलेब्रेशन के दूसरे संस्करण के समापन समारोह में कही। उन्होंने कहा कि 'भारतीय संविधान की प्रस्तावना इसका सबसे बहुमूल्य हिस्सा है।'
बेनेट यूनिवर्सिटी में पूर्व सीजेआई दीपक मिश्रा अपने विचार रखते हुए।
बेनेट यूनिवर्सिटी के कॉन्स्टीट्यूशन डे सेलेब्रेशन मनाने के पीछे विचार का स्वागत करते हुए जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा कि 'प्रस्तावना भारतीय संविधान की आत्मा है। यही मूल केंद्र बिंदु है जो संविधान की सक्षमता का निर्धारण करती है।' उन्होंने कहा, 'एक देश के रूप में हमें समाजवाद के प्रस्तावित लक्ष्य को यदि हासिल करना है तो हमें समाज के प्रति अलग-अलग तरीकों से सामूहिक मानवीय एवं विनम्र नजरिए के गुण को खुद में आत्मसात करना होगा।
जस्टिस मिश्रा ने कहा, 'संविधान की प्रस्तावना में कुछ ऐसे लिखित एवं अलिखित सिद्धांत दिए हुए हैं जो हमारा मार्गदर्शन करते हैं। यह एक स्वस्थ एवं विकसित हो रही संवैधानिक जनतंत्र के लिए अत्यंत आवश्यक है।'
ग्रेटर नोएडा स्थित बेनेट यूनिर्विसिटी में कॉन्स्टीट्यूशन डे के दूसरे संस्करण पर हफ्ते भर चले समारोह में कानून जगत की दिग्गज हस्तियां शामिल हुईं और भारतीय संविधान पर अपने बहुमूल्य विचार रखे। कानून के इन दिग्गजों ने भविष्य के वकीलों के साथ अपने ज्ञान एवं अनुभव साझा किए। इन विद्वानों ने भारतीय संविधान के प्रति छात्रों में एक व्यापक समझ विकसित की।
