कल यानी सोमवार से संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू हो रहा है। इस चरण के भी काफी हंगामेदार रहने की संभावना है। इस दौरान लोकसभा में विपक्ष द्वारा प्रायोजित उस प्रस्ताव पर चर्चा होनी है,जिसमें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने की मांग की गई है। इसके अलावा, पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जा सकता है,क्योंकि विपक्ष पहले से ही ईरान के प्रति सरकार के रुख,भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने पर अमेरिका द्वारा दी गई 'छूट'और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार पर हमला कर रहा है।
बजट सत्र का दूसरा चरण कल से।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव कई विपक्षी दलों के सांसदों द्वारा दिया गया है। विपक्ष का आरोप है कि बिरला ने सदन की कार्यवाही के दौरान पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया। विपक्षी नेताओं का कहना है कि उन्होंने सदन में कुछ ऐसी टिप्पणियां कीं जिनसे कांग्रेस के सदस्यों के खिलाफ गलत संदेश गया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के जवाब के लिए सदन में न आने का अनुरोध किया गया।
हालांकि ओम बिरला ने नोटिस दिए जाने के बाद से ही सदन की कार्यवाही से खुद को अलग कर लिया था। लोकसभा सचिवालय ने उस समय कहा था कि इस प्रस्ताव के निपटारे के बाद ही वे सदन की कार्यवाही में वापस लौटेंगे। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बिरला का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा सभी सांसदों को साथ लेकर काम किया है और संविधान तथा संसदीय लोकतंत्र के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध हैं।
इस सत्र के दौरान पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का मुद्दा भी प्रमुखता से उठ सकता है। विपक्ष पहले ही ईरान के प्रति सरकार के रुख, भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने पर अमेरिका द्वारा दी गई छूट और क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
इसके अलावा पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद लगभग 60 लाख नाम हटाए जाने का मामला भी संसद में गूंज सकता है। तृणमूल कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि वह इस मुद्दे को सदन में जोर-शोर से उठाएगी। वहीं भाजपा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की पश्चिम बंगाल यात्रा के दौरान कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन के मुद्दे को उठाने की तैयारी में है।
सरकार इस सत्र के दौरान विद्युत संशोधन विधेयक सहित कई लंबित विधायी कार्यों को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी। सोमवार की कार्यसूची के अनुसार लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव ही दिन का मुख्य विषय रहेगा।
सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने सांसदों को इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है। हालांकि संख्या बल सरकार के पक्ष में माना जा रहा है, जिससे प्रस्ताव के पारित होने की संभावना कम बताई जा रही है।
संभावना है कि सोमवार को सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद प्रश्नकाल न हो, क्योंकि शिलांग से सांसद रहे रिकी सिंग्कॉन के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित की जा सकती है।
