धार भोजशाला में वसंत पंचमी की पूजा और नमाज दोनों साथ-साथ होगी, SC का फैसला, दोनों पक्षों से संयंम की अपील

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि परिसर में वसंत पंचमी की पूजा सूर्योदय से सूर्यास्त तक होगी और नमाज दिन के एक बजे से तीन बजे के बीच पढ़ी जाएगी। कोर्ट ने कहा कि परिसर में दोनों समुदायों के आने-जाने के लिए रास्ते भी अलग होंगे। कोर्ट ने दोनों पक्षों से शांति एवं संयंम बनाए रखने और पुलिस एवं प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।

SC verdict on Bhojshala: सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक अहम फैसले में गुरुवार को मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला परिसर में वसंत पंचमी की पूजा और नमाज दोनों की इजाजत दी। शीर्ष अदालत ने कहा कि परिसर में वसंत पंचमी की पूजा सूर्योदय से सूर्यास्त तक होगी और नमाज दिन के एक बजे से तीन बजे के बीच पढ़ी जाएगी। कोर्ट ने कहा कि परिसर में दोनों समुदायों के आने-जाने के लिए रास्ते भी अलग होंगे। कोर्ट ने दोनों पक्षों से शांति एवं संयंम बनाए रखने और पुलिस एवं प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। साथ ही ASI के आदेश को जारी रखा है।

Supreme Court

भोजशाला परिसर में पूजा और नमाज एक साथ होगी।

ASI के फैसले को SC ने बरकरार रखा

हालांकि, कोर्ट ने अपने आदेश में केस के मेरिट पर कोई टिप्पणी नहीं की। बता दें कि 7 अप्रैल 2003 के ASI के आदेश के मुताबिक मंगलवार, बसंत पंचमी को हिंदू पक्ष और शुक्रवार को नमाज की इजाजत दी है।

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