Sanjay Raut Amruta Fadnavis Garba Statement: शिवसेना (उबाठा) के नेता संजय राउत ने बुधवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने त्योहारों को समावेशी बताते हुए कहा था कि किसी मुस्लिम व्यक्ति के उत्सव में शामिल होने में कोई बुराई नहीं है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि 11 अक्टूबर से शुरू होने वाले नवरात्र उत्सव के दौरान राज्य में गरबा और डांडिया आयोजनों में मुसलमानों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। भाजपा नेता एवं मंत्री नितेश राणे ने भी विहिप के इस रुख का समर्थन किया है।
अमृता फडणवीस के किस बयान से खुश हुए संजय राउत? बोले- 'सलाह अपने नव-हिंदुत्ववादियों और मुख्यमंत्री को भी दें'
नागपुर में संवाददाताओं से बातचीत में राउत ने कहा, 'मैं अमृता फडणवीस के इस रुख का स्वागत करता हूं कि मुस्लिम महिलाओं को गरबा में भाग लेने की अनुमति दी जानी चाहिए। लेकिन, उन्हें मुख्यमंत्री के मंत्रिमंडल में शामिल नव-हिंदुत्ववादियों को भी ऐसी सलाह देनी चाहिए।'
नितेश राणे से शुरू हुआ विवाद, अमृता ने क्या कहा?
महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री नितेश राणे ने सोमवार को विहिप के रुख का समर्थन करते हुए आरोप लगाया था कि ऐसे त्योहारों के दौरान 'लव जिहाद' के मामले बढ़ते हैं। उन्होंने कहा था कि जो लोग मूर्ति पूजा नहीं करते, उन्हें हिंदू धार्मिक आयोजनों में शामिल नहीं होना चाहिए।
राणे की टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर अमृता फडणवीस ने कहा था कि उनके विचार से त्योहार सभी को साथ लेकर चलने के लिए होते हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा था, 'अगर कोई मुस्लिम व्यक्ति भी वहां आता है और सही तरीके से त्योहार का आनंद लेता है, तो मुझे इसमें कुछ भी गलत नहीं लगता।'
राउत ने क्या सलाह दी?
राउत ने कहा कि मुस्लिम समुदाय ने विभिन्न संघर्षों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, चाहे वह संयुक्त महाराष्ट्र के लिए आंदोलन हो या देश की आजादी की लड़ाई। उन्होंने दावा किया कि कवि अमर शेख सहित कई लोगों ने महाराष्ट्र के गठन के लिए बलिदान दिया था। राउत ने कहा कि अमृता फडणवीस को 'देवेंद्र फडणवीस के प्रिय नव-हिंदुत्ववादी समर्थकों' और खुद मुख्यमंत्री को भी सलाह देनी चाहिए।
धनुष-बाण चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे कानूनी विवाद पर राउत ने कहा कि यह चिह्न मूल रूप से बाल ठाकरे की शिवसेना का था। शिवसेना (उबाठा) नेता ने यह भी आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे को 'मारना चाहती है।' जालना जिले के अंतरवाली सराटी में जरांगे का अनिश्चितकालीन अनशन बुधवार को 12वें दिन में प्रवेश कर गया।
राउत ने कहा कि मुख्यमंत्री फडणवीस को मराठा आरक्षण के मुद्दे का समाधान निकालने के लिए सभी दलों के नेताओं के साथ चर्चा करनी चाहिए। राउत ने दावा किया, 'सरकार जरांगे को मारना चाहती है। उनका संघर्ष और आंदोलन सरकार के गले की फांस बन गया है। चुनाव के दौरान सरकार ने अपने फायदे के लिए उनके आंदोलन और अनिश्चितकालीन भूख हड़तालों का इस्तेमाल किया, लेकिन अब उसने उन्हें (जरांगे) उनके हाल पर छोड़ दिया है।'
