दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ्तर तक मार्च निकालने की कोशिश के दौरान विपक्षी सांसदों को रोके जाने को लेकर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने केंद्र और दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा है। राउत ने आरोप लगाया कि विपक्ष के सांसदों को चुनाव आयोग के कार्यालय जाने से इस तरह रोका गया, जैसे वे कोई आतंकवादी हों। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान महिला सांसदों के साथ बदसलूकी की गई। राउत ने कहा कि मंगलवार को करीब 275 विपक्षी सांसद ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलने जा रहे थे। उन्हें रोकने के लिए दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों की भारी तैनाती की गई थी।
विपक्षी सांसदों की हिरासत पर भड़के संजय राउत
‘बंदूक की नोक पर रोका और हिरासत में लिया’
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी सांसद निहत्थे थे, फिर भी उन्हें भारी सुरक्षा बल की मौजूदगी में आगे बढ़ने से रोका गया। उन्होंने कहा कि सांसदों को बंदूक की नोक पर रोका गया और हिरासत में लिया गया। इतना ही नहीं,महिला सांसदों के साथ भी कथित तौर पर दुर्व्यवहार हुआ।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त विपक्षी सांसदों से मिलने के लिए तैयार नहीं हैं तो क्या वह केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से ही मुलाकात करते हैं?
‘ज्ञानेश कुमार को जाना होगा’
राउत ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर विपक्ष का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा अब खत्म नहीं हुआ है और विपक्ष आगे भी प्रदर्शन करेगा। राउत ने जोर देकर कहा कि ज्ञानेश कुमार को पद से हटना होगा।
राजीव कुमार पर भी साधा निशाना
संजय राउत ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि राजीव कुमार ने शिवसेना का नाम और चुनाव चिह्न चोरों के हाथों में सौंप दिया। राउत ने आरोप लगाया कि इसी तरह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के मामले में भी कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि पार्टी और उसके चुनाव चिह्न को दूसरे गुट के हाथों सौंपने की परंपरा राजीव कुमार के समय से शुरू हुई।
गौरतलब है कि जून 2022 में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विभाजन हुआ था। फरवरी 2023 में चुनाव आयोग ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को शिवसेना का नाम और ‘धनुष-बाण’ चुनाव चिह्न दिया था। इसी तरह 2023 में NCP में विभाजन के बाद आयोग ने अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट को असली NCP माना और 2024 में उसे पार्टी का नाम और ‘घड़ी’ चुनाव चिह्न आवंटित किया।
‘चुनाव आयोग को हाईजैक कर लिया गया’
राउत ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के जरिए चुनाव आयोग को ‘हाईजैक’ कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
विज्ञापनों पर भी सरकार को घेरा
शिवसेना (यूबीटी) सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के मौके पर बड़े पैमाने पर विज्ञापन जारी करने को लेकर भी बीजेपी और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर निशाना साधा। राउत ने आरोप लगाया कि विज्ञापनों पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित इलाकों में परेशान किसानों की मदद के लिए यही पैसा इस्तेमाल किया जा सकता था।
