संभल हिंसा मामले में 15 आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज, अब 7 फरवरी तक होगी सुनवाई

Sambhal News: संभल की जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान भड़की हिंसा के 41 आरोपियों की जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। इसमें से 15 आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई। बाकी 26 आरोपियों के पर 31 जनवरी से 7 फरवरी तक सुनवाई होनी है।

Sambhal Violence: संभल जिले की एक स्थानीय अदालत ने पिछले साल नवंबर में मस्जिद के सर्वेक्षण को लेकर हुई हिंसा के सिलसिले में 15 आरोपियों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। सरकारी वकील हरिओम प्रकाश सैनी ने बताया कि अपर जिला न्यायाधीश (द्वितीय) निर्भय नारायण सिंह ने आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की, लेकिन अदालत में पेश किए गए मजबूत सबूतों का हवाला देते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।

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संभल हिंसा मामले में 15 आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज

सैनी ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में सभी आरोपियों की पहचान की गई थी और शिकायतकर्ता ने प्राथमिकी में उनका नाम दर्ज कराया था। निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद वे भीड़ का हिस्सा थे। जब उन्हें वहां से हटने के लिए कहा गया, तो उन्होंने मना कर दिया और इसके बजाय पुलिस पर पत्थरों और आग्नेयास्त्रों से हमला कर दिया। इस घटना में कई नागरिक मारे गए और करीब 25 पुलिसकर्मी घायल हो गए। सरकारी वाहनों को आग लगा दी गई और मैगजीन और रबर बुलेट सहित पुलिस के उपकरण लूट लिए गए। अदालत ने संभल पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले के साक्ष्यों सहित केस रिकॉर्ड की समीक्षा की, जिसमें आरोपी आमिर, समीर, याकूब, सजाउद्दीन, सज्जू, मोहम्मद रेहान, मोहम्मद अली, शारिक, नईम, मोहम्मद गुलफाम, मोहम्मद सलीम, तहजीब, मोहम्मद फिरोज और मोहम्मद शादाब शामिल थे। इन सभी की जमानत याचिका खारिज कर दी गई। अधिकारियों के मुताबिक, इसी तरह, नखासा पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में अदालत ने आरोपी रुकैया और फरहाना को भी जमानत देने से इनकार कर दिया।

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