Samajwadi Party to quit MVA: महाराष्ट्र चुनाव में करारी हार के बाद विपक्षी गठबंधन एमवीए लगातार मुश्किल में है। समाजवादी पार्टी ने गठबंधन से अलग होने का फैसला लिया है। महाराष्ट्र सपा प्रमुख अबू आजमी ने कहा कि बाबरी ढांचा विध्वंस पर शिवसेना (यूबीटी) के रुख को लेकर समाजवादी पार्टी विपक्षी एमवीए छोड़ेगी।
MVA का साथ छोड़ेगी सपा
इसलिए बिफरे अबू आजमी
महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी के दो विधायक हैं। महाराष्ट्र सपा इकाई के प्रमुख अबू आजमी ने कहा, बाबरी मस्जिद को ध्वस्त करने वालों को बधाई देने के लिए एक अखबार में शिवसेना (यूबीटी) द्वारा एक विज्ञापन दिया गया था। उनके (उद्धव ठाकरे) सहयोगी ने भी मस्जिद के विध्वंस की सराहना करते हुए एक्स पर पोस्ट किया है।
आजमी ने कहा, हम एमवीए छोड़ रहे हैं। मैं अखिलेश यादव से बात कर रहा हूं। सपा का यह कदम बाबरी मस्जिद विध्वंस पर सेना (यूबीटी) एमएलसी मिलिंद नार्वेकर की पोस्ट के जवाब में आया है। नार्वेकर ने बाबरी विध्वंस की एक तस्वीर पोस्ट की थी और साथ में शिव सेना संस्थापक बाल ठाकरे का यह बयान भी लिखा, 'मुझे उन लोगों पर गर्व है जिन्होंने ऐसा किया।' शिव सेना (यूबीटी) सचिव ने पोस्ट में उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे और खुद की तस्वीरें भी पोस्ट कीं।
आजमी ने पूछा, अगर एमवीए में कोई ऐसी भाषा बोलता है, तो भाजपा और उनमें क्या अंतर है? हमें उनके साथ क्यों रहना चाहिए?
एमवीए पर कितना असर?
सपा का फैसला तब आया है जब कल 6 दिसंबर, 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस की 32वीं बरसी मनाई गई। भेले ही सपा के फैसले से एमवीए गठबंधन को कोई बड़ा झटका नहीं लगेगा, लेकिन यह जिस वक्त पर हो रहा है और जिस वजह से हो रहा है, वह अहम है। एमएवीए में आने के बाद हिंदुत्व को लेकर उद्धव के सुर एकदम नरम पड़ गए हैं। वह कांग्रेस की राह पर ही आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन बाबरी ढांचा विध्वंस पर उसका रुख पहले जैसा ही है। इसी बात को सपा ने मुद्दा बना लिया है।
हाल के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने एकतरफा मुकाबले में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) पर निर्णायक जीत हासिल की। महायुति ने 288 में से 230 सीटें जीतीं, जिसमें भाजपा ने 132, शिवसेना ने 57 और राकांपा ने 41 सीटें जीतीं। इस बीच, एमवीए केवल 46 सीटें हासिल करने में सफल रही, जबकि कांग्रेस ने कुल 16 सीटें ही जीतीं।
