Azam Khan: समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान को सात साल की सजा सुनाई गई है। यह सजा उन्हें रामपुर के चर्चित डूंगरपुर केस में सुनाई गई है। अदालत ने आजम खान पर सात लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। रामपुर की एमपी-एमएल कोर्ट ने उन्हें घर में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़, गाली गलौज और जान से मारने की धमकी मामले में दोषी करार दिया है।
आजम खान को सात साल की सजा
इसके साथ ही कोर्ट ने इस मामले में तीन अन्य दोषियों को पांच-पांच साल की जेल की सजा सुनाई है। इसमें रामपुर के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अजहर अहमद खान, पूर्व क्षेत्राधिकारी आले हसन और बरकत अली शामिल हैं। बता दें, 16 मार्च को रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने चार लोगों को दोषी करार दिया था। फिलहाल सीतापुर जेल में बंद आजम खान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंक के माध्यम से कोर्ट में पेश हुए।
क्या है डूंगरपुर केस?
2019 में रामपुर की डूंगरपुर बस्ती में निजी जमीन पर जबरन कब्जा करने का मामला सामने आया था। यहां कब्जा करने आए आरोपियों ने जमकर हंगामा किया था। आरोप है कि कई लोगों ने वहां मौजूद घर में घुसकर लोगों के साथ मारपीट की और पैसा व अन्य सामान लूट लिया। उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने के बाद जमीन के मालिक एहतेशाम ने आजम खान समेत छह लोगों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया था। इसी मामले में आजम खान को आज सजा सुनाई गई है।
माास्टरमाइंड से आजम खान
अदालत ने आजम खान को पूरे मामले का मास्टरमाइंड माना है, उन्हें आपराधिक साजिश रचने का दोषी करार दिया गया है। जबकि तीन अन्य आरोपियों के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट करने, धमकाने और लूट जैसे आरोप भी सिद्ध हुए हैं। अदालत ने दो आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था।
अन्य मामलों में भी मिल चुकी है सजा
आजम खान को इससे पहले बेटे अब्दुल्ला आजम के फर्जी प्रमाण पत्र मामले में भी सात साल की सजा हो चुकी है। वहीं हेट स्पीच मामले में उन्हेीं दो साल की सजा सुनाई गई थी। फिलहाल यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री सीतापुर जेल में बंद हैं।
