ओवैसी की बढ़ती सक्रियता के बीच सपा का बड़ा दांव, जासमीर अंसारी को विधान परिषद में कमान, लाल बिहारी यादव को मिली ये जिम्मेदारी

जासमीर अंसारी सपा के लिए नए चेहरे नहीं हैं। 2024 में जब लाल बिहारी यादव को विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष बनाया गया था, तब जासमीर अंसारी को ही परिषद में उपनेता की जिम्मेदारी दी गई थी। अब करीब दो साल बाद पार्टी ने उन्हें उपनेता से सीधे नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में पहुंचा दिया है।

समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद में अपने नेतृत्व को बदलते हुए मोहम्मद जासमीर अंसारी को नेता प्रतिपक्ष बनाने का फैसला किया है। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनके नाम पर मुहर लगा दी है। जासमीर अंसारी इससे पहले विधान परिषद में सपा के उपनेता की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। जासमीर अंसारी के सामने अब विधान परिषद में सरकार को घेरने और विपक्ष की आवाज को धार देने की जिम्मेदारी होगी। वहीं मौजूदा नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव की भूमिका अब वाराणसी-मिर्जापुर खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव पर केंद्रित होगी। सपा ने आगामी शिक्षक एमएलसी चुनाव में लाल बिहारी यादव को अपना प्रत्याशी बनाया है। लाल बिहारी यादव लंबे समय से शिक्षक राजनीति से जुड़े रहे हैं और 2020 में इसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी निर्वाचित हुए थे।

सपा ने विधान परिषद में जासमीर अंसारी को दी कमान

सपा ने विधान परिषद में जासमीर अंसारी को दी कमान (फोटो- x/@samajwadiparty)

जासमीर पर भरोसा क्यों?

जासमीर अंसारी सपा के लिए नए चेहरे नहीं हैं। 2024 में जब लाल बिहारी यादव को विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष बनाया गया था, तब जासमीर अंसारी को ही परिषद में उपनेता की जिम्मेदारी दी गई थी। अब करीब दो साल बाद पार्टी ने उन्हें उपनेता से सीधे नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में पहुंचा दिया है। जासमीर अंसारी सीतापुर के लहरपुर से आते हैं और अभी विधान परिषद के सदस्य हैं।

End of Feed