छत्तीसगढ़ के दुर्ग में तीन साधुओं की पिटाई का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक लोगों ने साधुओं को बच्चा चोरी करने वाले गैंग से जुड़ा समझा और पिटाई कर दी।पुलिस का कहना है कि बच्चा चोरी की अफवाह के बाद लोगों ने तीन साधुओं को घेर लिया और बुरी तरह से मारपीट की। मामला भिलाई थाने के चरोदा बस्ती का है। इस केस में आरोपियों की धरपकड़ की कोशिश तेज कर दी गई है। अब इस मामले में राजनीति भी शुरू हो चुकी है। बीजेपी सांसद सरोज पांडे ने कहा कि यह भूपेश बघेल सरकार की नाकामी है, सरकार राजधर्म निभाए।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग में साधुओं की पिटाई
साधू-संत सुरक्षित नहीं
बीजेपी का कहना है कि इससे आप भूपेश बघेल राज में सुरक्षा व्यवस्था की तस्वीर को देख सकते हैं। एक तरफ राज्य सरकार कहती है कि वो हर एक नागरिक को सुरक्षित रखने का वादा करती है तो दूसरी तरफ साधुओं की पिटाई से आप समझ सकते हैं कि कानून व्यवस्था किस हद तक लचर है। छत्तीसगढ़ अफवाह की बात कह कर मूल मुद्दे से ध्यान हटाना चाहती है। सच तो यह है कि राज्य में साधू और संत सुरक्षित नहीं है।
#BreakinNow: छत्तीसगढ़ के दुर्ग में साधुओं की बेरहमी से पिटाई पर बीजेपी सांसद सरोज पांडे बोलीं- 'सरकार अपना नैतिक… t.co/384RsTSuyw
— ANI (@ANI) Oct 6, 2022
बच्चा चोर गैंग की अफवाह फैली
दुर्ग के एसपी का कहना है कि लोगों के मुताबिक साधू जिस तरह से बच्चों से बात कर रहे थे उससे कई तरह के संदेह पैदा हुए। धीरे धीरे इलाके में अफवाह फैली कि साधुओं के वेश में बच्चा चोरों का गैंग आ गया है। अफवाह के बाद स्थानीय लोगों ने साधुओं को पकड़ा और पीटना शुरू कर दिया। साधुओं से पूछताछ के बाद पता चला है कि वो राजस्थाव के रहने वाले हैं। लेकिन इनकी पहचान सुनिश्चित नहीं है। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि अगर कुछ भी या कोई भी संदेहास्पद नजर आए तो वो कानून हाथ में लेने की जगह पुलिसकर्मियों को तत्काल जानकारी दें।
