Pooja Khedkar moves Supreme Court: गिरफ्तारी की आशंका देख बर्खास्त ट्रेनी IAS पूजा खेडकर ने सुप्रीम कोर्ट मे अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। पूजा ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने पूजा खेडकर की अग्रिम जमानत की याचिका खारिज कर दी थी। याचिका पर 15 जनवरी को अदालत में सुनवाई होगी। दिल्ली हाईकोर्ट ने पूजा खेडकर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि यह न केवल एक संवैधानिक संस्था बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र के साथ धोखाधड़ी का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
पूजा खेडकर विवाद
पूजा खेडकर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 15 जनवरी को सुनवाई करेगा। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस सतीश शर्मा की बेंच 15 जनवरी को पूजा खेडकर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करेगी।
पूजा का विकलांगता प्रमाणपत्र फर्जी
बता दें, पूर्व ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर के मामले में दिल्ली पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि पूजा द्वारा दिया गया विकलांगता प्रमाणपत्र फर्जी है। दिल्ली पुलिस में हाई कोर्ट में दाखिल की गई अपनी स्टेटस रिपोर्ट में माना था कि पूजा खेड़कर का सर्टिफिकेट फर्जी है। सिविल परीक्षा 2022 और 2023 के दौरान पूजा ने सर्टिफिकेट दाखिल किया था। सर्टिफिकेट में पूजा खेड़कर ने अपना नाम बदला था। इन सर्टिफिकेट के महाराष्ट्र से जारी होने का दावा भी झूठा पाया गया था।
धोखाधड़ी के कई आरोप
पूजा पर धोखाधड़ी और गलत तरीके से ओबीसी और दिव्यांगता कोटे का लाभ प्राप्त करने का आरोप है। इसके कारण उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। वहीं, पूजा खेडकर ने अपने जवाब में कहा कि उनका चयन बेंचमार्क दिव्यांगता वाले व्यक्तियों (पीडब्ल्यूबीडी) की श्रेणी में योग्यता के आधार पर हुआ था और उन्होंने इस श्रेणी के तहत पांचवीं बार प्रयास किया है, और इस श्रेणी में 9 बार प्रयास किया जा सकता है।
खेडकर ने आगे कहा कि यूपीएससी का यह दावा गलत है कि उन्होंने अपना नाम गलत बताया है, जबकि आयोग ने स्वयं व्यक्तित्व परीक्षण के दौरान एकत्र किए गए बायोमेट्रिक डेटा के माध्यम से उनकी पहचान सत्यापित की थी और सभी दस्तावेजों का भी सत्यापन किया गया था।
