जो नहीं कर पाए राहुल गांधी वो करेंगे खड़गे ! सचिन पायलट की खुली चुनौती

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  • Updated Nov 2, 2022, 06:14 PM IST

Sachin Pilot On Ashok Gehlot: नरेंद्र मोदी द्वारा अशोक गहलोत की प्रशंसा को सचिन पायलट ने सियासी रंग दे दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने कल जो बयान दिए, जो बड़ाइयां कीं, मैं समझता हूं कि यह एक बड़ा ही दिलचस्प घटनाक्रम है। प्रधानमंत्री जी ने इसी तरह सदन में गुलाम नबी आजाद की तारीफ की थी और उसके बाद का घटनाक्रम हम सबने देखा है।

KEY HIGHLIGHTS
  • गुलाम नबी आजाद की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार प्रशंसा कर चुके हैं।
  • अब उसी प्रशंसा का सचिन पायलट हवाला देकर अशोक गहलोत पर सियासी हमला कर रहे हैं।
  • सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच पिछले दो साल से खुलकर खींचतान चल रही है।

Sachin Pilot On Ashok Gehlot:जैसी उम्मीद थी, राजस्थान में एक बार फिर सचिन पायलट और अशोक गहलोत की आपसी खींचतान शुरू हो गई है। इस बार शुरूआत सचिन पायलट ने की है। उन्होंने इशारों में अशोक गहलोत की गुलाम नबी आजाद से तुलना कर दी है। और कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मल्लिकार्जु खड़गे को भी सचेत कर दिया है। यही नहीं उन्होंने एक कदम आगे बढ़ते हुए खड़गे से एक और मांग कर दी है। पायलट ने कहा है कि कांग्रेस विधायक दल (CLP) की मीटिंग में नहीं शामिल होने वाले विधायकों पर अनुशासनहीनता करने पर कार्रवाई करनी चाहिए। असल में सीएलपी मीटिंग में नहीं पहुंचने वाले तीन विधायकों को अनुशासनहीनता मानते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने नोटिस दिया था। यह मामला उस समय का है, जब सचिन पायलट को नया मुख्यमंत्री बनाने की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खेमे के विधायक 25 सितंबर को कांग्रेस विधायक दलों की बैठक में शामिल नहीं हुए थे और पार्टी के किसी भी कदम के खिलाफ शांति धारीवाल के आवास पर समानांतर बैठक की थी।

मोदी और गहलोत ने एक दूसरे की प्रशंसा की

असल में कल बांसवाड़ा के मानगढ़ धाम में हुए कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम अशोक गहलोत मौजूद थे। उस दौरान मोदी ने गहलोत को मुख्यमंत्रियों में सीनियर बताते हुए उनकी तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि अशोक जी हमारे सबसे सीनियर मुख्यमंत्री हैं, हम साथ काम कर चुके हैं। उसी मंच से गहलोत ने पीएम मोदी के लिए कहा था कि 'मोदी जब विदेश जाते हैं तो उन्हें बहुत सम्मान मिलता है। उन्हें सम्मान क्यों मिलता है, उन्हें सम्मान मिलता है क्योंकि मोदी उस देश के प्रधान मंत्री हैं जो गांधी का देश है, लोकतंत्र की जड़ें गहरी हैं और 70 साल बाद भी लोकतंत्र जीवित है। लोग इसे जानते हैं और सम्मान देते हैं।

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