S Jaishankar: आजादी के बाद विदेश नीति को लेकर एक बार फिर से विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर निशाना साधा है। विशेष तौर पर चीन को लेकर उनके रुख की जयशंकर ने आलोचना की है। उन्होंने कहा, आजादी के बाद दो दशकों में चीन नीति में बहुत नरमी बरती गई और नेहरू ने चीन के साथ बातचीत में आदर्शवाद को तवज्जो नहीं दी।
विदेश मंत्री एस जयशंकर
इसके साथ ही समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत के दौरान विदेश मंत्री ने कहा कि माओ जेडांग के चीन को कैसे डील करें? इस सवाल पर नेहरू और सरदार पटेल के बीच मतभिन्नता थी। जयशंकर ने इस दौरान कहा कि मोदी सरकार चीन मामले में सरदार पटेल के तरीके पर विश्वास करती है।
नेहरू नीति पर खड़े किए सवाल
जयशंकर ने कहा कि देश के 75 सालों की विदेश नीति को देखें तो चीन को लेकर काफी तनाव रहा है। उन्होंने नेहरू और सरदार पटेल के बीच मतभेद पर जोर डालते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सीट को लेकर यह मेरा मामला नहीं है कि हमें अनिवार्य रूप से सीट लेनी चाहिए। यह एक अलग बहस है। हालांकि, यह कहना कि सीट को हासिल करने का मौका पहले चीन को दिया जाना चाहिए, यह बहुत ही अजीब बयान है।
चीन के साथ माइंड गेम
जयशंकर से जब पूछा गया कि क्या माइंड गेम में भारत हमेशा चीन से हारा है? इस पर उन्होंने कहा, मैं नहीं समझता कि हम हमेशा हारे हैं। कुछ मामलों को तो आज समझ पाना मुश्किल है। उन्होंने कहा, पंचशील समझौता ऐसा ही एक उदाहरण है। उन्होंने पूर्वी लद्दाख में चीन की आक्रामकता पर कहा कि हम एक ऐसा रिश्ता बनाने की कोशिश कर रहे हैं जो आपसी सहमति पर आधारित हो। जब तक इसे पारस्परिकता को मान्यता नहीं दी जाती है, तब तक इस रिश्ते की प्रगति बिल्कुल मुश्किल होगी।
