Rupauli Seat By-election 2024 : सात राज्यों की जिन 13 विधानसभा सीटों पर बुधवार को उपचुनाव होने जा रहा है उसमें बिहार की रूपौली सीट भी शामिल है। इस सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय बताया जा रहा है। यह सीट एनडीए और महागठबंधन के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से बीमा भारती एक बार फिर चुनाव मैदान में हैं। पूर्णिया सीट पर वह लोकसभा चुनाव हार चुकी हैं। अब रूपौली सीट से विधानसभा पहुंचने की कोशिश में हैं। पूर्णिया सीट पर बीमा भारती को निर्दलीय उम्मीदवार पप्पू यादव ने हराया था। हालांकि, उपचुनाव में पप्पू यादव ने बीमा का समर्थन किया है। एनडीए की तरफ से जद-यू से कलाधर मंडल चुनाव मैदान में हैं। मंडल को चुनाव जीताने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एड़ी-चोटी का जोर लगाया है। मंडल के लिए नीतीश, चिराग पासवान और जीतन राम मांझी ने रैलियां कीं। इस सीट पर मतदान 10 जुलाई को और चुनाव नतीजे 13 जुलाई को आएंगे।
रूपौली सीट उपचुनाव में दिलचस्प मुकाबला।
पप्पू यादव ने बीमा भारती को समर्थन दिया
निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने रूपौली विधानसभा सीट पर उपचुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की उम्मीदवार बीमा भारती को ‘पूर्ण समर्थन’ देने की सोमवार को घोषणा की। यादव ने ‘एक्स’ पर कहा, 'विचारधारा बड़ी चीज है, राजनीति में आज यह विलुप्त हो रही है। लेकिन मैं विचारधारा की राजनीति का वाहक हूं, मैं कांग्रेस विचारधारा के साथ हूं। इसलिए मेरे प्रति तमाम निजी नफरत को खारिज करते हुए रूपौली विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार को मेरा पूर्ण समर्थन है।'
निर्दलीय चुनाव लड़े पप्पू यादव
पप्पू यादव ने लोकसभा चुनाव से पहले अपनी ‘जन अधिकार पार्टी’ का कांग्रेस में विलय कर पार्टी टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी लेकिन राजद द्वारा बीमा भारती को चुनावी मैदान में उतारने के बाद यादव ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था। लोकसभा चुनाव में पराजय का सामना करने के बाद भारती फिर से राजद उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में हैं।
भारती के इस्तीफे से खाली हुई सीट
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (जदयू) को छोड़कर कुछ महीने पहले राजद में शामिल होने वाली भारती ने विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था, जिस कारण रूपौली विधानसभा सीट पर उपचुनाव जरूरी हो गया था। रूपौली विधानसभा सीट उपचुनाव में भारती का मुकाबला जदयू उम्मीदवार कलाधर प्रसाद मंडल और निर्दलीय शंकर सिंह से है। शंकर सिंह पूर्व में लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के विधायक रहे थे।
इस सीट पर गंगोता वोटर सबसे ज्यादा
जदयू के बड़े नेता संजय झा, ललन सिंह सहित दर्जन भर से अधिक मंत्री, सांसद, विधायक यहां कैंप किए रहे। राजद की ओर से तेजस्वी यादव सहित पार्टी के एमपी, विधायकों, पूर्व मंत्रियों ने मोर्चा संभाला। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक संख्या गंगोता वोटरों की संख्या 70 हजार से अधिक है। कुर्मी-कुशवाहा वोटर 45 हजार व यादव-मुस्लिम 50 हजार हैं। इनके अलावा आदिवासियों, अनुसूचित जाति, वैश्य आदि वोट भी यहां ठीक-ठाक संख्या में हैं। चुनाव मैदान में अभी 11 प्रत्याशी हैं।
