दुनिया एक-दूसरे पर निर्भर है...इंटरनेशनल ट्रेड दबाव में नहीं होना चाहिए, अमेरिकी टैरिफ विवाद पर बोले RSS चीफ मोहन भागवत

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि आत्मनिर्भर होने का मतलब आयात बंद करना नहीं है। दुनिया इसलिए चलती है क्योंकि यह एक-दूसरे पर निर्भर है। इसलिए आयात-निर्यात जारी रहेगा। हालांकि, इसमें कोई दबाव नहीं होना चाहिए।

दिल्ली : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि आत्मनिर्भरता सभी मुद्दों की कुंजी है और उन्होंने स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया। आत्मनिर्भरता की पुरज़ोर वकालत करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय व्यापार स्वेच्छा से होना चाहिए न कि किसी प्रकार के दबाव में। उन्होंने हालिया के अमेरिकी टैरिफ को लेकर चल रहे विवाद पर ध्यान केंद्रित करते हुए इशारा किया।

RSS chief Mohan Bhagwat

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत (फोटो-ANI)

भागवत ने कहा कि आत्मनिर्भर होने का मतलब आयात बंद करना नहीं है। दुनिया इसलिए चलती है क्योंकि यह एक-दूसरे पर निर्भर है। इसलिए आयात-निर्यात जारी रहेगा। हालांकि, इसमें कोई दबाव नहीं होना चाहिए। स्वदेशी का मतलब उन वस्तुओं का आयात न करना नहीं है जो देश में पहले से मौजूद हैं या जिनका निर्माण आसानी से किया जा सकता है। बाहर से सामान लाने से स्थानीय विक्रेताओं को नुकसान होता है।

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