Kiren Rijiju News: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को कहा कि मानसून सत्र में कुल 12 विधेयक पारित हुए। संसद की कार्ववाही में गतिरोध के लिए उन्होंने विपक्ष को जिम्मेदार ठहराते हुए रिजिजू ने कहा कि विपक्ष ने लोकसभा नहीं चलने दी। सरकार चर्चा करने के लिए तैयार थी लेकिन विपक्ष इससे भाग खड़ा हुआ। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लोकसभा में चर्चा न होना लोकतंत्र की स्वस्थ परंपरा के लिए ठीक नहीं। लोकसभा में केवल एक एंटी-पेपर लीक बिल पर ही चर्चा हो पाई। लोकसभा एवं राज्यसभा के कामकाज पर रिजिजू ने कहा कि निम्न सदन में 19 प्रतिशत और उच्च सदन में 30 प्रतिशत कामकाज हुआ।
संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू।
चर्चा से भाग गया विपक्ष-रिजिजू
दिल्ली में पीसी को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'लोकसभा में 11 विधेयक बिना चर्चा के पारित हुए, जबकि एक विधेयक पर चर्चा हुई। राज्यसभा में विधेयक पर पूरी तरह चर्चा हुई। केवल मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस और कुछ अन्य दलों ने सदन से वॉकआउट किया, जबकि अन्य विपक्षी दलों ने चर्चा में हिस्सा लिया। हंगामा करते हुए भी मुद्दों पर चर्चा कीजिए। विपक्ष पहले संवाद में शामिल होता था, जबकि ये लोग विपक्ष की भूमिका में रहते हुए चर्चा से भाग जाते हैं।'
'कामकाज के लिहाज से यह सत्र बेहद सफल रहा'
रिजिजू ने कहा, 'आज मानसून सत्र समाप्त हो गया। हम इसे दो दृष्टिकोणों से देखते हैं। कामकाज के लिहाज से यह सत्र बेहद सफल रहा और कुल 12 विधेयक पारित किए गए। हालांकि, बहस और चर्चा के लिहाज से यह उतना सफल नहीं रहा। लोकसभा में निर्धारित कुल समय के मुकाबले हमारी उत्पादकता केवल 19 प्रतिशत रही। राज्यसभा में उत्पादकता 39 प्रतिशत रही। विपक्षी दलों ने हंगामा किया और कई बार वॉकआउट भी किया, जबकि एनडीए के अधिकांश दलों और कुछ विपक्षी सांसदों ने बहस और चर्चा में हिस्सा लिया।'
एंटी-पेपर लीक पर हुई पूरी चर्चा
उन्होंने आगे कहा, 'लोकसभा में केवल एक विधेयक पेपर लीक और परीक्षाओं में अनुचित साधनों के इस्तेमाल से संबंधित विधेयक पर पूरी चर्चा हुई। ‘सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम’ इसी सत्र में पारित किया गया। इस कानून पर लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में चर्चा हुई।'
वंदे मातरम के बाद लोकसभा की कार्यवाही स्थगित
मानसून सत्र के आखिरी दिन सदन की कार्यवाही 11 बजे आरंभ होने पर लोकसभा अध्यक्ष ने आसन पर बैठते ही सदस्यों से राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के सम्मान में खड़े होने के लिए कहा। हालांकि, सामान्यत: सत्र समाप्ति के मौके पर वंदे मातरम् से पहले वह उस सत्र की कार्य उत्पादकता तथा उपलब्धियों का उल्लेख करते हैं। वंदे मातरम् के गायन के बाद उन्होंने सदन की बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कई अन्य दलों के प्रमुख नेता तथा सदस्य सदन में मौजूद थे।
20 जुलाई को आरंभ हुआ था मानसून सत्र
संसद का वर्तमान मानसून सत्र बीते 20 जुलाई को आरंभ हुआ था। अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर चर्चा और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहे विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण दोनों सदनों में लगातार गतिरोध बना रहा।
