RG Kar Rape-Murder Case: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या मामले में मुख्य आरोपी संजय रॉय को शनिवार को दोषी करार दिए जाने से पहले फैसले की घड़ी जैसे-जैसे करीब आ रही थी, आशा और आशंका के बीच सियालदह न्यायालय की ओर पूरे देश की निगाहें टिक गई थी। इस दौरान अदालत परिसर और इर्द-गिर्द भारी भीड़ इकट्ठा हो गई थी। भीड़ को संभालने में पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी।
आरजी कर रेप-मर्डर केस में फैसला आया
अदालत परिसर में जुटी भारी भीड़
अदालत कक्ष 210 में न्यायाधीश अनिर्बान दास ने शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे फैसला सुनाया। सजा सुनाये जाने से पहले वकीलों, कार्यकर्ताओं, चिकित्सकों और नागरिकों की भारी भीड़ न्यायालय परिसर में जुट गई थी। यह मामला नौ अगस्त को 28-वर्षीय स्नातोकोत्तर चिकित्सा प्रशिक्षु की बलात्कार एवं उसकी हत्या से जुड़ा है। उस दिन अस्पताल के संगोष्ठी कक्ष में उसका शव मिला था। कोलकाता पुलिस से संबद्ध स्वयंसेवक संजय रॉय को इस अपराध के सिलसिले में अगले ही दिन गिरफ्तार कर लिया गया था।
जांचकर्ताओं का आरोप है कि उसने अकेले ही इस कुकृत्य को अंजाम दिया, जबकि डॉक्टरों के परिवार एवं जूनियर डॉक्टर के संगठनों को व्यापक साजिश का संदेह है। इस अपराध के बाद देशभर में जनाक्रोश भड़क गया था और कार्यस्थल पर डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर प्रदर्शन हुए थे। शनिवार की सुबह तक, आमतौर पर अस्त-व्यस्त रहने वाले अदालत परिसर में शांतिपूर्ण परंतु तनाव का माहौल नजर आया।
इस मामले पर अदालत परिसर में हर ओर चर्चा की जा रही थी और उनके शब्दों में आशा और संदेह का मिश्रण था। एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा, यह सिर्फ एक मामला नहीं है; यह हमारे देश में न्याय के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। एक स्थानीय व्यक्ति ने पूछा, क्या उसे अधिकतम सजा मिलेगी? सीबीआई ने संजय रॉय के लिए कठोरतम सजा की मांग की है। हालांकि डॉक्टर के माता-पिता ने कहा, अकेले एक व्यक्ति ऐसा नहीं कर सकता। हम पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए व्यापक जांच की मांग करते हैं।
