रिपब्लिक डे पर वीरों का सम्मान; सेना और नौसेना के जवानों को मिला कीर्ति-शौर्य चक्र

रिपब्लिक डे की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति ने भारतीय सेना और नौसेना के जांबाज़ों को देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता सम्मानों से नवाजा। म्यांमार सीमा से लेकर जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ तक चले खतरनाक अभियानों, आमने-सामने की मुठभेड़ों, आतंकवाद-रोधी ऑपरेशनों और समुद्र में जानलेवा परिस्थितियों के बीच इन वीरों ने अदम्य साहस, नेतृत्व और बलिदान का परिचय दिया। कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र से सम्मानित इन कहानियों में न सिर्फ युद्ध कौशल, बल्कि देश के लिए सब कुछ न्योछावर करने का जज्बा भी झलकता है।

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति ने भारतीय सेना और नौसेना के जांबाज़ों को उनके असाधारण साहस और बलिदान के लिए सर्वोच्च वीरता सम्मान प्रदान किए हैं। इस साल दो कीर्ति चक्र और 10 शौर्य चक्र देने की घोषणा की गई है, जिनमें एक शौर्य चक्र मरणोपरांत दिया गया। इसके अलावा वीरता और विशिष्ट सेवा के लिए बड़ी संख्या में सेना पदक, विशिष्ट सेवा पदक और ‘मेंशन इन डिस्पैचेज’ भी स्वीकृत किए गए हैं। ये सम्मान जम्मू-कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर और समुद्र के खतरनाक इलाकों तक चले अभियानों की गवाही देते हैं।

republic day rehearsal

रिब्लिक डे परेड के लिए कर्तव्य पथ पर रिहर्सल करते जवान (PTI)

सम्मान सूची: वीरता और सेवा का व्यापक सम्मान

इस वर्ष सम्मान सूची में एक बार टू सेना मेडल (वीरता) और 44 सेना मेडल (वीरता) शामिल हैं, जिनमें पांच मरणोपरांत हैं। इसके साथ ही 19 परम विशिष्ट सेवा मेडल, चार उत्तम युद्ध सेवा मेडल, 35 अति विशिष्ट सेवा मेडल, सात युद्ध सेवा मेडल, दो बार टू सेना मेडल (विशिष्ट सेवा), 43 सेना मेडल (विशिष्ट सेवा) और 85 विशिष्ट सेवा मेडल भी दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, ऑपरेशन रक्षक, ऑपरेशन स्नो लेपर्ड, ऑपरेशन हिफ़ाज़त, ऑपरेशन ऑर्किड और ऑपरेशन मेघदूत जैसे उच्च जोखिम अभियानों में शामिल 81 कर्मियों को ‘मेंशन इन डिस्पैचेज’ से सम्मानित किया गया।

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