Sergey Lavrov : नई दिल्ली और मास्को की दोस्ती पर रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने शुक्रवार को बड़ा बयान दिया। जी-20 सम्मेलन के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने दिल्ली पहुंचे लावरोव ने एक कार्यक्रम में कहा कि भारत के साथ रूस की दोस्ती खास है और यह मित्रता केवल जुबानी नहीं बल्कि आधिकारिक रूप से दस्तावेजों में दर्ज है। रूसी विदेश मंत्री ने अमेरिका का नाम लिए बगैर'आसियान प्लस क्वाड' को लेकर उस पर निशाना साधा। लावरोव ने कहा कि यह ईस्ट एशिया समिट से रूस और चीन को दूर करने की एक कोशिश है।
जी-20 के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने दिल्ली पहुंचे हैं रूस के राष्ट्रपति।
रायसीना डॉयलॉग में बेबाकी से बोले लावरोव
रायसीना डॉयलॉग में रूसी विदेश मंत्री ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर अपने देश का खुलकर बचाव किया और यूक्रेन एवं अमेरिका के राष्ट्रपतियों जेलेंस्की एवं बाइडेन के रुख पर सवाल खड़े किए। बातचीत के दौरान लावरोव ने पूछा कि इराक और अफगानिस्तान में जो कुछ हो रहा है उसके बारे में अमेरिका से कोई सवाल क्यों नहीं किया जाता? इन दोनों में अमेरिका ने जो किया है या कर रहा है क्या वह ठीक है?'युद्ध के बारे में सवाल जेलेंस्की से भी तो पूछे जाएं'
लावरोव ने कहा, 'सर्बिया पर कब बम गिराए गए, यह बात उन्हें याद नहीं है। उस समय बाइडेन सीनेटर हुआ करते थे। युद्ध में इराक को बर्बाद करने के कुछ साल बाद टोनी ब्लेयर ने कहा था कि यह एक गलती थी।' यूक्रेन युद्ध पर बोलते हुए रूस के विदेश मंत्री ने कहा कि सब लोग यह पूछ रहे हैं कि जंग खत्म करने के लिए रूस कब यूक्रेन के साथ बातचीत करने जा रहा है लेकिन कोई यह बात जेलेंस्की से नहीं पूछ रहा कि वह कब बात करने जा रहे हैं। बीते साल जेलेंस्की ने एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। पुतिन के राष्ट्रपति रहते हुए रूस से यदि कोई बात करता है तो यह दस्तावेज इस बातचीत को एक आपराधिक कृत्य घोषित करता है। कोई जेलेंस्की से पूछता है कि वह क्या कर रहे हैं?#WATCH | Everyone's asking when Russia is ready to negotiate.Nobody asks Zelenskyy when he's going to negotiate. La… t.co/RR1nm7wcq7
— ANI (@ANI) Mar 3, 2023
भारत के साथ दोस्ती पर लावरोव ने आगे कहा कि दोनों देशों की दोस्ती बेहद खास है। भारत के साथ रूस की मित्रता केवल कहने की बात नहीं है बल्कि यह 'विशेष रूप से दर्जा प्राप्त रणनीतिक साझेदारी' के रूप में आधिकारिक दस्तावेजों में दर्ज है। उन्होंने कहा, 'मैं नहीं समझता कि कोई भी देश मित्रता पर इस तरह का कोई आधिकारिक दस्तावेज रखता है।'
क्वाड से सैन्य लाभ लेने की कोशिश-लावरोव
अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों पर हमला बोलते हुए लावरोव ने कहा कि 'हम किसी देश को किसी अन्य देश के खिलाफ कभी नहीं उकसाते लेकिन प्रशांत रणनीति के नाम पर दुर्भाग्यवश बाहरी देशों की ओर से ऐसा किया जा रहा है। क्वाड का इस्तेमाल आर्थिक उद्देश्यों के लिए नहीं बल्कि इससे सैन्य लाभ लेने की कोशिश की जा रही है।'देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (News in Hindi) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। देश (India News) अपडेट और (आज की ताजा खबर) के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से ।
