Ram Mandir: राम मंदिर आंदोलन 1947 की आजादी से भी बड़ा आंदोलन, VHP नेता ने किया दावा

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Jan 6, 2024, 09:35 AM IST

Ram Temple movement: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जनवरी को राम मंदिर के अभिषेक समारोह में भाग लेने के लिए तैयार हैं। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए देश और विदेश से कई वीवीआईपी मेहमानों के अयोध्या में आने की उम्मीद है।

Ram Temple movement: विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर के लिए आंदोलन 1947 में देश की आजादी के लिए आंदोलन से भी बड़ा था। वीएचपी नेता शरद शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि आंदोलन के लिए लाखों लोगों ने अपने जीवन का बलिदान दिया और भगवान राम लला के मंदिर के निर्माण को अंतिम रूप देने में लगभग 500 साल लग गए। राम मंदिर आंदोलन स्वतंत्रता आंदोलन से भी बड़ा आंदोलन था। क्योंकि यह एक धार्मिक आंदोलन था जिसमें धर्म, संस्कृति और इतिहास से जुड़े लोगों ने भाग लिया और इसे चरम तक पहुंचाया।

VHP Leader

वीएचपी नेता शरद शर्मा

लाखों लोगों ने अपने जीवन का बलिदान दिया

उन्होंने कहा कि लाखों लोगों ने अपने जीवन का बलिदान दिया। इसमें 500 साल लग गए। इसलिए इससे यह माना जा सकता है कि यह 1947 से भी बड़ा आंदोलन था। उन्होंने कहा कि इस महीने के अंत में होने वाले भगवान राम लला के प्रतिष्ठा समारोह के लिए कुल 7,000 निमंत्रण कार्ड भेजे जा रहे हैं। विहिप नेता ने कहा कि देश के करीब चार हजार संतों और तीन हजार अन्य लोगों को आमंत्रित किया जा रहा है। प्रतिष्ठा समारोह के निमंत्रण कार्ड पर विहिप नेता ने कहा, इसके पहले पृष्ठ पर भगवान राम लला की तस्वीर है। साथ ही कार्यक्रम की विभिन्न तारीखों और विवरणों का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा हम उन लोगों पर एक पुस्तिका बी दे रहे हैं जिन्होंने 1949 से राम मंदिर आंदोलन में भूमिका निभाई थी। यह वर्तमान पीढ़ी के लिए है, ताकि वे उन दिग्गजों के बारे में जान सकें जो आंदोलन का हिस्सा थे।

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